कोरोना के लिए प्लाज़्मा थेरेपी अभी नहीं है मान्य , रिसर्च जारी : स्वास्थ्य मंत्रालय
Rohit Sharma
नई दिल्ली :– स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 29435 में हो गई है। अब तक 21631 सक्रिय केस है। 6865 ठीक हो चुके हैं।
साथ ही उन्होंने कहा की अब तक 17 जिलों में 28 दिनों से कोई नया मामला नहीं आया है। देश में रिकवरी रेट बढ़कर 23.3 फीसदी हो गई है।
कोरोना वायरस संक्रमितों का इलाज क्या प्लाज्मा थेरेपी से किया जा सकता है? इसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि प्लाज्मा थेरेपी को लेकर को मान्य थ्योरी अभी नहीं है | इसको लेकर अभी रिसर्च किया जा रहा है. प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल अगर गाइडलाइन के मुताबिक नहीं किया गया तो यह जान पर भी खतरा बन सकता है |
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, ”प्लाज्मा थेरेपी पर काफी चर्चा हो रही है | कोविड 19 के लिए देश में क्या दुनिया भर में कोई अप्रूव थेरेपी नहीं है. प्लाज्मा थेरेपी प्रायोगिक चरण में है, लेकिन अभी यह दावा करने के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज के तौर पर किया जा सकता है |
आईसीएमआर इसको लेकर स्टडी कर रही है. इसलिए जरूरी है कि जब तक आईसीएमआर स्टडी पूरा नहीं कर ले, तब तक इसका प्रयोग रिसर्च या ट्रायल के लिए ही करें. प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल अगर गाइडलाइन्स के मुताबिक नहीं करते हैं तो यह जान पर भी खतरा पैदा कर सकता है |
उन्होंने कहा, ”जब तक आईसीएमआर इसका सर्टिफिकेशन नहीं करता है तब तक इस थेरेपी का उपयोग गैर कानूनी है. इसको प्रयोग के तौर पर तो इस्तेमाल हो सकता है लेकिन उपचार के तौर पर नहीं.” |