नई दिल्ली :– दिल्ली में कोरोना की वैक्सीन किस तरह से कितने लोगों को और किस नीति के अनुसार लगाई जाएगी इसका ऐलान केजरीवाल सरकार ने कर दिया है। केजरीवाल ने बताया है कि कैसे शुरुआती दौर में 51 लाख लोगों को वैक्सीन लगेगी और कोई परेशानी आने पर इलाज के लिए जो भी जरूरत होगी वह पूरी कर ली गई है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि दिल्ली में कोरोना की हालत में सुधार हुआ है। संक्रमित लोगों की संख्या भी काफी कम हुई है और इससे ठीक होने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। बीमार लोग ठीक होकर घर जा रहे हैं। अब लोगों को कोरोना की वैक्सीन का इंतजार है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने राजधानी के लोगों को वैक्सीन देने का पूरा इंतजाम कर लिया है। दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है केंद्र से वैक्सीन लेने, उसे स्टोर करने और फिर उसके वितरण के लिए। केंद्र ने तीन प्रकार के लोगों को वैक्सीन के लिए प्राथमिकता दी है। उनमें स्वास्थ्य कर्मचारी सबसे पहले हैं, जिनकी संख्या दिल्ली में करीब 3 लाख है। दूसरे नंबर पर फ्रंटलाइन वर्कर जैसे पुलिस, सफाई कर्मचारी आदि शामिल हैं, जिनकी दिल्ली में संख्या लगभग 6 लाख है।
तीसरी श्रेणी में आते हैं 50 साल से ज्यादा आयु के लोग या वो जो 50 से कम साल के हैं, लेकिन उन्हें पहले से डायबिटीज, किडनी या दिल की बीमारी हो। ऐसे लोगों की संख्या दिल्ली में लगभग 42 लाख है। इस तरह कुल 51 लाख लोग प्राथमिकता की श्रेणी में आते हैं। इन्हीं लोगों को सबसे पहले वैक्सीन दी जाएगी।
इन सभी लोगों को लगभग चिन्हित कर लिया गया है। एक व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज लगेगी इसलिए कुल एक करोड़ दो लाख डोज की जरूरत पड़ेगी। हमारे पास अभी 74 लाख डोज स्टोर करने की क्षमता है। जब वैक्सीन आ जाएगी तो जिन लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है उन्हें फोन कर बुलाया जाएगा और टीकाकरण किया जाएगा, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है दिल्ली सरकार खुद आपको बुलाएगी।
दिल्ली में जहां भी टीकाकरण होना है वो भी तैयारी की जा रही है। एक लोकेशन पर पांच लोगों की टीम लगेगी। उन सभी लोगों की ट्रेनिंग हो चुकी है। सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
केजरीवाल ने ये भी कहा कि मान लीजिए अगर किसी को वैक्सीन से साइड इफेक्ट होता है तो उसके लिए स्पेशलिस्ट और अन्य चिकित्साकर्मियों की भी व्यवस्था कर ली गई है। तुरंत वहां इलाज किया जाएगा।
