पेट्रोल और डीजल की लगातार कीमतें बढ़ने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में इस समय पेट्रोल 89 रुपये 87 पैसे और डीजल 80 रुपये 27 पैसे चल रहा है और कई राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये पार कर चुकी हैं।
कोरोना महामारी के बाद लोगों का जीवन पटरी पर लौटने लगा है, लेकिन कई लोग इस महामारी के दौरान बेरोजगार भी हो गए, लेकिन कोरोना महामारी का सामना करने के बाद अब लोगों के जीवन में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें परेशानी का नया कारण बनती जा रही है और इस मुद्दे को लेकर विपक्ष भी लगातार सरकार को घेरने में लगा हुआ है।
आपको बता दें पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने को लेकर टेन न्यूज़ की टीम ने दिल्ली में लोगों से बातचीत की और यह जानने की कोशिश की कोरोना महामारी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने से लोगों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर लोगों ने हम से बातचीत करते हुए कहा की बढ़ते दामों से लोगों के जीवन पर काफी असर पड़ा है और उन्हें इस बात का भी डर है की जिस प्रकार से लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं उससे रोजमर्रा की चीजों के दामों पर भी असर पड़ सकता है और इससे महंगाई भी बढ़ सकती है।
विपक्ष भी लगातार पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है विपक्ष का कहना है की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम है और देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही है इसके पीछे सरकार की तरफ से पेट्रोल और डीजल पर लगाया गया सेस और एक्साइज ड्यूटी जिम्मेदार है।
कांग्रेस ने भी पेट्रोल और डीजल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था की हमारी सरकार में कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब $104 प्रति बैरल थी तब देशभर में पेट्रोल के दाम 74 रुपये के करीब थे लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग $55 प्रति बैरल है उसके बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें 80 और 90 रुपये पार करती जा रही हैं।