नई दिल्ली :– कांग्रेस ने एक बार फिर राफेल डील का मुद्दा उठाया है , साथ ही इस मामले में मोदी से कई सवाल किए है । आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने राफेल डील को लेकर आज नया आरोप लगाया।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया कि भारत सरकार और दसॉ एविएशन (फ्रेंच कंपनी) के बीच हुए राफेल सौदे में 21,075 करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार हुआ है।
सुरजेवाला ने दस्तावेज जारी करते हुए मोदी सरकार से कई सवाल किए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि 2015 में 36 राफेल की डील 5.06 बिलियन यूरो में तय की गई। इसमें एयरक्राफ्ट के साथ मिलने वाले सभी हथियार भी शामिल थे। इंडियन नेगोशिएशन टीम ने ये कीमत तय की थी।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भारत सरकार के रेट तय करने के बाद दसॉ एविएशन ने 20 जनवरी 2016 को कंपनी की इंटरनल बैठक रखी। इसमें कंपनी ने 36 राफेल की कीमत 7.87 बिलियन तय कर दी।
मोदी सरकार ने 23 सितंबर 2016 को दसॉ की तय की गई कीमत पर डील स्वीकार कर ली। सुरजेवाला ने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या वजह थी, जो रक्षा मंत्रालय के मना करने पर भी 21,075 करोड़ रुपए ज्यादा देकर राफेल डील की गई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 26 मार्च 2019 को इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने बिचौलिए के पास से एक सीक्रेट दस्तावेज जब्त किया था। उस पर भी कोई जांच नहीं कराई गई कि आखिर बिचौलिए तक दस्तावेज कैसे पहुंचे। उन्होंने पूछा कि डील में नो रिश्वत, नो गिफ्ट, नो इंफ्लूएंस, नो कमीशन और नो मिडिलमैन जैसी शर्तें क्यों नहीं रखी गई।
उन्होंने कहा कि जब यूपीए की सरकार थी, तब डील में एंटी करप्शन के नियम लागू थे, लेकिन बाद में मोदी सरकार के समय दसॉ एविएशन ने ये नियम हटवा दिए। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि एक बिजनेसमैन को फायदा पहुंचाने के लिए एयरक्राफ्ट की डील से हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को बाहर कर दिया गया।