नई दिल्ली :– बस घोटाले को लेकर एक बार फिर बीजेपी ने केजरीवाल पर जमकर निशाना साधा , साथ ही गम्भीर आरोप लगाए । बीजेपी नेता और दिल्ली के विपक्ष नेता विजेंद्र गुप्ता ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि भाजपा ने पुरानी बसों के वार्षिक रखरखाव के लिए किए गए अनुबंध पर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और रोहिणी के विधायक विजेंद्र गुप्ता ने इसकी शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) से की है। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि नई बसें खरीदने की जगह आयु पूरी कर चुकी बसों के रखरखाव के लिए इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नाकामी से दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) का घाटा बढ़ रहा है।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दी गई जानकारी डीटीसी को सालाना दो हजार रुपये का घाटा हो रहा है। इसके बेड़े में 3760 बसें हैं। 32 बसों को छोड़कर सभी चल रही हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी बसों की आयु पूरी हो चुकी है। नियम के अनुसार इन्हें सड़क से हटा लिया जाना चाहिए। इसके विपरीत सरकार इनमें से एक हजार बसों के वार्षिक रखरखाव के लिए पांच सौ करोड़ रुपये का अनुबंध किया गया है। वर्क आर्डर भी जारी हो गया है। अधिकतम तीन साल तक अनुबंध रह सकता है। यदि प्रति एक हजार बसों के लिए पांच सौ करोड़ रुपये के हिसाब से 3760 बसों के लिए अनुबंध किया गया तो लगभग 18 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इतनी राशि से दो हजार से ज्यादा नई बसें खरीदी जा सकेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि आयु पूरी कर चुकी बसों के रखरखाव के लिए किए गए अनुबंध में कई खामियां हैं। इस अनुबंध को लेकर डीटीसी की बैठक में किए गए फैसले की जानकारी तीन माह तक वेबसाइट पर नहीं डाली गई। इसमें भी वित्तीय अनियमितता की आशंका है। इसकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि डीटीसी की सभी बसों की आयु पूरी हो चुकी है। पिछले सात सालों में सरकार ने एक भी बस नहीं खरीदी है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार व सरकार की नाकामी से डीटीसी का घाटा लगातार बढ़ रहा है। आम आदमी पार्टी जब सत्ता में आई थी उस समय डीटीसी का वार्षिक घाटा 1019 करोड़ रुपये था। वर्ष 2019-20 में यह बढ़कर 1834 करोड़ रुपये हो गया। एक भी नई बस नहीं खरीदी गई, लेकिन घाटा बढ़कर लगभग दोगुना हो गया। उन्होंने कहा कि सीवीसी ने जांच शुरू कर दी है।
