उत्तर प्रदेष के सिंचाई मंत्री श्री षिवपाल सिंह यादव ने केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री से भेंट की – प्रदेष की सिंचाई परियोजनाओं हेतु समय से केन्द्रांस उपलब्ध कराने की मांग की।

नई दिल्लीः 08अगस्त,2014 : उत्तर प्रदेष के सिंचाई मंत्री श्री षिवपाल सिंह यादव ने आज केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती से आज नई दिल्ली स्थित श्रम शक्ति भवन में भेंट कर के उत्तर प्रदेष की विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा करके प्रदेष की केन्द्र पोषित सिंचाई परियोजनाओं के केद्रांस की धनराषि समय से उपलब्ध कराने की मांग की। श्री यादव ने केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री से भेंट के दौरान कहा कि प्रदेष की केन्द्र पोषित सिंचाई की ऐसी परियोजनाएं जिनके प्रदेष सरकार एवं केन्द्र सरकार के मध्य एम0ओ0यू0 हस्ताक्षरित है तथा जिनमें वर्ष 2013-14 तक केन्द्र सरकार की देयता शेष है, की वर्ष 2013-14 की कुल अवषेष धनराषि पांच सौ चैरासी करोड़ रूप्ये प्रदेष सरकार को उपलब्ध कराया जाए। वर्ष 2014-15 हेतु उक्त परियोजनाओं पर देय केन्द्रंास 1248 के सापेक्ष कम से कम आधी धनराषि तत्काल उपलब्ध करायी जाए ताकि सभी परियोजनाएं समयबद्ध रूप् से पूर्ण हो सके और परियोजनाओं की बढ़ती लागत पर विराम लग सके। परियोजनाओं के लिए धन देर से प्राप्त होने पर कार्य देर से शुरू होते हैं जिनसे परियोजनाओं की लागत काफी बढ़ जाती है। साथ ही लम्बित क्षेत्र की जनता/किसान भी लाभ से वंचित रह जाते हैं।

सिंचाई मंत्री श्री यादव ने केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती को बताया कि बाढ़ प्रबन्धन कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2013-14 तक बाढ़ सुरक्षा से संबंधित परियोजनाओं पर लगभग 300करोड़ का केन्द्रांस लम्बित है। जिसे शीघ्र प्रदेष सरकार को उपलब्ध कराया जाए। श्री यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेष में इस समय सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, वाण सागर नहर परियोजन,ा अर्जुन सहायक परियोजना तथा मध्य गंगा नहर परियोजना द्वितीय चरण ए0आई0बी0पी0 के अन्तर्गत निर्माणाधीन है। इन परियोजनाओं पर वित्तीय वर्ष 2013-14 में अनुमन्य कुल केन्द्रांस 1179करोड़ के सापेक्ष मात्र 595 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2014-15 में 1268 करोड़ के सापेक्ष मात्र 15करोड़ की धनराषि ही प्राप्त हुई है। धनराषि समय से प्राप्त न होने के कारण परियोजनाओं की लागत निरन्तर बढ़ती जा रही है और परियोजनाओं पर कार्य प्रभावित हो रहा है। सिंचाई मंत्री श्री यादव ने सुझाव दिया कि एम0ओ0यू0के अनुसार देय केन्द्रांस की धनराषि का कम से कम 50 प्रतिषत अवष्य अवमुक्त कर दिया जाए ताकि परियोजनाओं पर कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।

सिंचाई मंत्री श्री षिवपाल सिंह यादव ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए समय से केन्द्रीय सहायता उपलब्ध कराने की अपेक्षा केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री से की। श्री यादव ने बताया कि बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्र्तगत झांसी जनपद के बवीना ब्लाक के 15 गांवों में सिंचाई सुविधा एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने व सिंचाई के लिए निर्माणाधीन अर्जुन सहायक परियोजना के अवषेष कार्यों को पूरा करने व बेतवा नदी में एरच बांध बनाकर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी परियोजनाओं के लिए 1533 करोड़ रूपये के सापेक्ष 1020करोड़ रूपये केन्द्रीय सहायता की आवष्यकता है। बुन्देलखण्ड पैकेज के अन्तर्गत क्षेत्र की विभिन्न नहर प्रणालियों के समादेष क्षेत्र के विकास हेतु 10 परियोजनाओं पर कार्य प्रस्तावित है जिनकी लागत 415 करोड़ के सापेक्ष 380करोड़ रूपये केन्द्रीय सहायता की जरूरत है।

सिंचाई मंत्री श्री यादव ने सुश्री उमा भारती से चर्चा के दौरान प्रदेष के बुन्देलखण्ड क्षेत्र की पेयजल व सिंचाई परियोजनाओं को जनहित में तत्काल पूरा किए जाने की आवष्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बुन्देलखण्ड पैकेज से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर वांछित केन्द्रीय सहायता 1480करोड़ शीघ्र अवमुक्त करायी जाए। वर्तमान में बुन्देलखण्डढ में 4468 करोड़ रूपये लागत की 16 सिंचाई परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इन योजनाओं को पूरा हो जाने से 2.23लाख हैक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित होगी।

श्री यादव ने प्रदेष के मध्य एवं पूर्वी भाग से संबंधित महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में चर्चा के दौरान केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री को बताया कि प्रदेष के मध्य एवं पूर्वी भाग के 24 जिलों में सिंचाई सुविधा हेतु स्थापित शारदा/शारदा सहायक नहर प्रणालियों की क्षमता पुनस्र्थापना की आवष्यकता है। जिसके लिए प्रदेष सरकार ने रू0 4292 करोड़ की परियोजना तैयार की है। इस परियोजना के पूर्ण होने से 8.47लाख हैक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनसर््थापना हो सकेगी और 33हजार टन प्रतिवर्ष खाद्यान्न की उत्पादकता बढ़ने की संभावना है। श्री यादव ने अनुरोध किया कि उक्त परियोजना के लिए ‘जायका’ के माध्यम से ऋण प्राप्त करने हेतु भारत सरकार के जल संसाधन मंत्रालय के माध्यम से आर्थिक एवं विकास मंत्रालय को प्राथमिकता के आधार पर अग्रसारित कराने का कष्ट करें।

केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती ने श्री यादव को आष्वस्त किया कि केन्द्र सरकार प्रदेष की सिंचाई परियोजनाओं हेतु लम्बित केन्द्रीय सहायता ससमय उपलब्ध कराएगी और परियोजनाओं के समय से पूर्ण होने में पूरा सहयोग दिया जाएगा। प्रमुख सचिव सिंचाई श्री दीपक सिंघल एवं अन्य षिष्ट मण्डल भी मौजूद थे।

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