ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की मार झेल रहे बॉयर्स को अच्हे दिन का नाम और निशान कही दिख नही रहा है कही कोई बुल्डर भारी भरकम ब्याज की माग करता है कभी फ्लैट कैंसिल करने की धमकी देता है .

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की मार झेल रहे बॉयर्स को अच्हे दिन का नाम और निशान कही दिख नही रहा है कही कोई बुल्डर भारी भरकम ब्याज की माग करता है कभी फ्लैट कैंसिल करने की धमकी देता है .

गौरतलब है कि वर्ष 2010 में नोएडा एक्सटेंशन के नाम से मशहूर हुए ग्रेनो वेस्ट में बिल्डरों ने जमकर फ्लैट बुकिंग की थी। 2010 में फ्लैट बुकिंग 1500 से 1800 रुपए के बीच थी। उस दौरान फ्लैट बुक कराने के लिए बिल्डरों ने कई लुभावने ऑफर भी दिए थे। हालांकि बाद में किसानों की ओर से मामला कोर्ट में चला गया और वहां बुकिंग के साथ काम भी रुक गया। इसके बाद नवम्बर 2013 से एक बार फिर काम का सिलसिला शुरू हुआ और इसी के साथ शुरू हो गई बिल्डरों की मनमानी। बिल्डरों ने कोई न कोई कमी निकाल कर पुरानी बुकिंग के सैकड़ों फ्लैट कैंसिल कर दिए। कारण यह था कि नई बुकिंग 3500 से 4000 रुपए तक थी। बिल्डरों की मनमानी से परेशान बॉयर्स ने प्राधिकरण से लेकर शासन—प्रशासन तक गुहार लगाई, लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नहीं है।  नेफ़ोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा है कि देशभर के बिल्डर ग्राहकों के साथ मनमानी कर रहे हैं और गलत तरीके से व्यापार कर रहे हैं। जिसमे देश के नामी बिल्डर्स शामिल हैं। बिल्डरों पर आरोप हैं कि बिल्डर बायर एग्रीमेंट एकतरफा होते हैं। बिल्डर वादे के मुताबिक कंस्ट्रक्शन नहीं करते हैं और पार्क की जगह पर टॉवर का निर्माण कर देते हैं। पजेशन में देरी पर बिल्डर मामूली जुर्माना देते हैं जबकि ग्राहक के भुगतान में देरी पर 18 फीसदी ब्याज लगाते हैं। इतना ही नहीं बिल्डर बिना पूरी मंजूरी के प्रोजेक्ट शुरू भी कर देते हैं जिससे बाद में ग्राहकों को ही दिक्कतें होती हैं।बिल्डरों की मनमानी पर अंकुश लगाने और फ्लैट बॉयर्स के हित के लिए नेफोमा आज ग्रेटर नोएडा वेस्ट गौर सिटी चौक पर नेफ़ोमा कोर टीम की मीटिग की जिनमे प्रमुख मुद्दो पर बात की गयी  १-       ग्रेटर नोएडा और नोएडा प्राधिकरण के धुलमुल तरीके की वजह से लाखो फ़्लेट बॉयर्स लगभग 5 साल से परेशान है जिसका फ़ायदा बिल्डर उठ।ते है जबकी प्राधिकरण को द्खल देने की जरुरत है फ़्लेट मिलने मे हो रही देरी बिल्डरों द्वारा बॉयर्स का साथ न देना व उसको धमकाना, जिन फ़्लेट बॉयर्स ने 2008 से फ़्लेट बुक किया है उनकी पोजिशन का नामो निशान नही है एसे कई प्रोजक्ट है२-       एफ़ ए आर का फ़ायदा लेने के लिये बिल्डर सभी कायदे कानून को ताक पर रखे हुये है ग्रेटर नोएडा वेस्ट मे दर्जनो प्रोजक्ट है जिनकी बुकिन्ग 2010 मे हुई उन सभी को ज़ीरो पीरिएड निकालने के बाद भी 2014 मे पोज़िशन मिल जाना चाहिए था लेकिन उनके टावर की नीव तक नही रखी गयी है तो बॉयर्स को फ़्लेट कब मिलेगा इसलिए नेफ़ोमा माग करती है उन सभी बॉयर्स को बिल्डर 18% के हिसाब से मुआवज़ा दे जिसेसे वो घर का किराया और फ़्लेट की किस्त जमा कर सके जब बिल्डर किस्त लेट पर हमसे 18% ले सकता है तो सी०सी ई० के अनुसार वो उतना मुआवजा देने का हकदार भी है३-       ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानो को मुआवजा बाटा तो उसकी भरपाई फ़्लेट बॉयर्स क्यू करे जबकी मास्टर प्लान स्वीक्र्त होने से पह्ले बिल्डरों की सन्स्था क्रेडाई के अध्यक्ष ने सभी  फ़्लेट बॉयर्स को आस्वत किया था कि पुराने फ़्लेट बॉयर्स से किसी भी तरह का कोई भी अतिरिक्त पैसे नही लिए जायेगे, फ़िर आज क्यू कुछ् बिल्डर 50 रुपए प्रति स्क० फ़ीट अतिरिक्त की माग कर रहे है४-       ग्रेटर नोएडा वेस्ट मे बिल्डर सुरक्षा का बिल्कुल भी ध्यान नही दे रहे है पोजिशन देने के लिए बॉयर्स को लेटर भेज रहे है जबकी साथ मे दुसरे टावर मे काम चल रहा है ड्म्फ़र की अवा जावी उन्ही गेट से होती है निर्माणाधीन साइटो  पर बिल्डर ने कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया है फ़्लेट बॉयर्स अपना फ़्लेट देखने परिवार के साथ साइट पर जाते रह्ते है अभी हाल मे ही मे अजनारा बिल्डर की साइट पर कार्यरत सिविल इंजीनियर अनंगपाल की हादसे में मौत हो गई ।  नेफोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया कि प्राधिकरण को को सब पता है लेकिन वो फिर भी चुप है इसका कारण समझ मे नही आता अपना पक्ष रखने जल्द ही प्राधिकरण और जिलाधिकारी से मुलाकात करके जल्द कर्यावाही की माग करेगे नेफोमा बॉयर्स के हित में लड़ाई जारी रखेगा। मीटिंग में अन्नू खान, विनीत वर्मा, गजेन्द्र गर्ग, सुशान्त अग्रवाल, आशीस, विवेक शर्मा, रवि शंकर त्रिवेदी, ने भाग लिया ।

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