Apeejay International School , Greater Noida

Apeejay International School , Greater Noida

एपीजे इंटरनैशनल स्कूल ,गेटर न नौएडएडा ्एडा सदैव ही उदेशेश्य रहएडा है कि् वह गहन अध्ेश्येश्यन गंभीरीर ववचएडार , उचच चचंतन शेष्ठ अचभीरवेश्यवभिवयक्ति और अदभीर और अदभुत प्रचतभीरएडा से ेश्य और अदभुभिवयक्ति छात्रों काएडात्रों का ने युक्त छात्रों ्एडा चनर्माण करे . वएडाात्रों का निर्माण ्रे . ववदएडालेश्य ने अपने इस लक्षेश्य ्षय को अने्षय को बारएडार चसद्ध ्र्े भीरी किदखाया एडाेश्यएडा हखाया हैं |

इसी शंखाया लएडा र्माण करे . व में इनडएडाेश्यललॉग फएडाउंडेशन संससएडा दएडारएडा आेश्यषय कोजिजत इनडएडाेश्यललॉग चनबारंध प्रचतेश्यषय कोचगतएडा ्े अंतगात्रों का निर्मात र्माण करे . वएडाध्ेश्यचर्माण करे . व् सतर( जकूचनेश्यर ्ैटेगरी ) एवं उचच र्माण करे . वएडाध्ेश्यचर्माण करे . व् सतर (सीचनेश्यर ्ेटेगरी ) ्े छात्रों काएडात्रों का ने युक्त छात्रों ने सहर्ात्रों का निर्मा भीरएडाग चलेश्यएडा | जनवरी र्माण करे . वहीने र्माण करे . व में आेश्यषय कोजिजत रएडाषीेश्य सतर ्े इस प्रचतेश्यषय कोचगतएडा र्माण करे . व में  रहवेश्यएडारहवीं ्क्षएडा ्वीं कक्षा की छात्रों काएडात्रों का नएडा शेेश्यएडा सक्सेना ने द्विसेनएडा ने किदतीेश्य ससएडान प्रएडाप्त ्र्े प और अदभुरुस्एडार ्े रूप र्माण करे . व में एपपल आई पलॉड टच आज किदनएडां् ०९ / ०३ /१५ ्षय को प्रएडाप्त कि्ेश्यएडा और इसी प्रचतेश्यषय कोचगतएडा र्माण करे . व में ्क्षएडा ग्यारहवेश्यएडारहवीं कि् ही छात्रों काएडात्रों का न वैष्णवी णवी रएडाज ने आनरेवएडाल र्माण करे . वैन्सन पुसन प और अदभुरस्एडार ्े रूप र्माण करे . व में २००० रूपेश्ये ्वीं कक्षा की नगद रएडाचश प्रएडाप्त ्र्े अपने ववदएडालेश्य ्वीं कक्षा की ऊचएडाइेश्ये युक्त छात्रों ्षय को और अचध् बार और अदभुलंद ्र किदेश्यएडा |

ववदएडालेश्य ्वीं कक्षा की प्रधएडानएडाचएडाेश्यएडाात्रों का निर्मा शीर्माण करे . वती ेश्यएडाचश्एडा भीरएडारदएडाज जी ने बारतएडाेश्यएडा ्वीं कक्षा की उन्एडा उन्एडा उदेशेश्य र्माण करे . वएडात्रों का न ववदएडालेश्य ्षय को चलएडानएडा नहीं है बारजिं् रएडाष ्े भीरववष्णवी ेश्य चनर्माण करे . वएडाात्रों का निर्मातएडा छात्रों काएडात्रों का ने युक्त छात्रों सवएडासर्वांगीण वव्एडास ्र्े ववश्व सतर पर अपने देश ्षय को जिक्षचतज र्माण करे . व में पह और अदभुतिज में पहुँचएडानएडा है और अपने इस प्रेश्यएडास ्षय को वे पकूरी चनष्ठएडा एवं परिशरशर्माण करे . व परिशरशर्माण करे . व से पकूणात्रों का निर्मा ्रने हेत और अदभु सदैव तत्पर रहेपर रहेगी |

 

Comments are closed.