यमुना नदी का बुरा हाल, जहरीले झाग के बीच छठ वर्तियों ने किया स्नान
लोक आस्था के महा पर्व छठ पूजा की आज नहाय खाय के साथ शुरुआत हो गई है। ऐसे में राजधानी दिल्ली में भी काफी लोग ऐसे हैं जो छठ पूजा का पर्व बहुत धूम धाम और पवित्रता के साथ मनाते हैं। चार दिवसीए छठ पूजा के पहले दिन दिल्ली के कालिंदी कुंज समेत कई घाटों से बेहद डरावनी तस्वीर सामने आई है। श्रद्धालु झाग से भरे यमुना नदी में डुबकी लगाते देखे गए, ये तस्वीर अपने आप में सरकार की नाकामी को दर्शाती है, की इतने इंतजाम के बाबजूद आखिर हर बार छठ के दौरान यमुना का यही हाल क्यों रहता है।
लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा 2021 की शुरुआत नहाए-खाए के साथ हो गयी है। इस दौरान सबसे पहले छठ व्रती भगवान भास्कर का स्मरण कर भोग लगाती हैं। इसके बाद ही अन्य लोग इसका सेवन करते हैं।
आपको बतादें की राजधानी में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल यमुना नदी के किनारे छठ पूजा की अनुमति नहीं दी है। इस बीच यमुना नदी के एक अन्य घाट पर मौजूद श्रद्धालु महिला ने कहा, ‘यमुना का पानी बहुत गंदा है लेकिन छठ पूजा में नहाना पड़ता है, इसलिए हम नहाने आए हैं. हर तरफ झाग ही झाग दिखाई दे रहा है।
आपको बतादें की लोक आस्था का छठ पूजा आज से शुरू हो गयी है, कल खरना होगा। करना में खीर का प्रसाद बनता है जिसमे दूध, चावल और गुड़ का इस्तमाल होता है। 10 नवंबर को डूबते हुए सूर्य देवता को पहला अर्घ्य दिया जायेगा। इसके अगले दिन यानी 11 नवंबर को सुबह उगते हुए सूर्य को अंतिम अर्घ्य दिया जायेगा।