28/11/2018, New Delhi : मंगलवार को हुई एक प्रेस वार्ता में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भरद्वाज ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल को मारने की साजिश की जा रहा है। पिछले साढ़े तीन साल में अरविन्द केजरीवाल पर चार बार जान लेवा हमला हो चुका है। और ये एक सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है। उसका प्रमाण ये है कि आज से लगभग 4 साल पहले छत्रसाल स्टेडियम में अरविन्द केजरीवाल पर जो हमला हुआ, हमलावर को पुलिस ने घटना स्थल पर ही गिरफ्तार कर लिया लेकिन आज तक उस केस में तफ्तीश पूरी नहीं हो पाई है, कि आखीर ये हमला किसने करवाया, इसके पीछे किन लोगो का हाथ था। केवल यही नहीं किसी भी केस में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, और ये सब जानबूझ कर किया जा रहा है।
“एक सोची समझी साजिश के तहत पिछले चार सालों में अरविन्द केजरीवाल पर पांच बार जान लेवा हमले करवाए जा चुके हैं, और इन सबके पीछे भाजपा का हाथ है” : सौरभ भरद्वाज
प्रेस वार्ता में मौजूद पत्रकारों को संबोधित करते हुए सौरभ भरद्वाज ने कहा कि जैसा की आप सबको पता है की कल विधानसभा का स्पेशल सत्र बुलाया गया था। विधानसभा का ये स्पेशल सत्र अरविन्द केजरीवाल पर लगातार हो रहे जानलेवा हमलो के सम्बन्ध में चर्चा करने, और इस सम्बन्ध में कड़े कदम उठाने के लिए ही बुलाया गया था। जैसा की आप सबको ज्ञात है कल के अपने भाषण में मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा था कि दो ही करण से मुझ पर हमले हो रहे हैं। पहला ये की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ये हमले मुझ पर करवा रहे हैं, या फिर दूसरा ये की प्रधानमंत्री इतने निकम्मे है कि एक मुख्यमंत्री की सुरक्षा करने में भी नाकाम साबित हो रहे हैं। अब सवाल ये उठता है कि जो प्रधानमंत्री एक मुख्यमत्री को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रहा हो, क्या वो देश की आम जनता को सुरक्षा दे पाएगा?
प्रेस वार्ता में मौजूद दक्षिणी दिल्ली के लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने कहा की आप सभी को पता है कि दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर लगातार हमले हो रहे हैं। पिछले एक महीने में मुख्यमंत्री साहब पर ये तीसरा हमला हुआ है। अभी पहले हमले के की तफ्तीश पूरी भी नहीं हुई है की, एक के बाद दूसरा और दुसरे के बाद तीसरा हमला मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर करवाए गए हैं। पहला हमला अभी कुछ दिन पहले ही सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन में भाजपा के सांसद मनोज तिवारी अपने कुछ गुंडों के साथ जबरदस्ती प्रोग्राम में आकर हंगामा करते हैं, उनके गुंडे मुख्यमंत्री पर बोतले फेंकते हैं, उन पर जान लेवा हमला करते हैं। और दूसरा हमला दिल्ली सचिवालय में हुआ जिसका में खुद चश्मदीद गवाह हूँ। मेरे सामने ही जैसे मुख्यमंत्री अपने कमरे से बाहर निकले, एक व्यक्ति उनकी तरफ बढ़ा उन पर हमला किया, उनकी आँखों में मिर्ची का पाउडर डालने की कोशिश की और उनका चश्मा भी तोड़ दिया। और कल तो हद ही हो गई जब तीसरे हमले को मुख्यमंत्री के घर पर ही अंजाम देने की कोशिश की गई।
“आम आदमी पार्टी के खिलाफ जरा ज़रा सी बात पर मिडिया से रूबरू होने वाले दिल्ली के उप-राज्यपाल साहब ने अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ रची जा रही साजिश के सन्दर्भ में चिंता जताते हुए एक ट्वीट तक नहीं किया” : राघव चड्ढा
कल जो हुआ वो बहुत ही चौकाने वाली बात है। एक व्यक्ति मुख्यमंत्री के घर में जिन्दा कारतूस के साथ घुस जाता है। मुख्यमंत्री जी का घर दिल्ली पुलिस की निगरानी में है। अन्दर जाने से पहले कई प्रकार की जांच से होकर गुजरना पड़ता है, फिर कैसे ये व्यक्ति जिन्दा कारतूस घर के अन्दर तक लेकर चला जाता है। अर्थात वो गया नहीं था, उसे जाने दिया गया था। अगर कारतूस गए हैं तो इसका मतलब किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा पिस्तौल भी ले जाने का इन्तेजाम किया गया होगा। ये मुख्यमंत्री को जान से मारने की एक सोची समझी चाल है। कई राज्यों में भाजपा की सरकार है लेकिन कभी ऐसा नहीं हुआ कि कोई व्यक्ति भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के घर में इस प्रकार का कोई जान लेवा समान लेकर घुस गया हो। हमने कभी नहीं सुना की कोई व्यक्ति इस प्रकार से कारतूस लेकर शिवराजसिंह चौहान, वसुंधरा राजे या फिर रमण सिंह के घर में घुसा हो। ये सिर्फ आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के साथ ही बार बार क्यों हो रहा है। राघव चड्ढा ने कहा कि मै साफ़ तौर पे कहना चाहता हूँ की इसके पीछे भाजपा का हाथ है।
राघव चड्ढा ने कहा कि बड़े ही आश्चर्य की बात है की पिछले साढ़े तीन साल में अरविन्द केजरीवाल पर पांच बार जानलेवा हमले हो चुके हैं परन्तु भाजपा द्वारा नियुक्त उप-राज्यपाल साहब का एक बयान तो दूर की बात है, इस गंभीर मसले पर चिंता जताते हुए एक ट्वीट तक नहीं आया। उन्होंने कहा भाजपा इस प्रकार की नीच राजनीति न करे। राजनीति करनी है तो राजनीति के स्तर पर करें। लोगो के काम करके दिखाएँ। ताकि जनता उन्हें खुद चुने, और सत्ता के लिए भाजपा को इस प्रकार की नीच हरकतें न करनी पड़े।
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