कांग्रेस नेता अनिल चौधरी का बयान, सत्ता में आते ही केजरीवाल विधायकों का वेतन बढाने में लगे

Ten News Network

नई दिल्ली :– दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि सुविधाओं के खिलाफ और गरीबों के लिए काम करने के वायदे के साथ सत्ता में आए अरविन्द केजरीवाल सत्ता में आते ही 2015 से विधायकों का वेतन बढ़ाने में लगे है और जुलाई 2021 में मानसून सत्र के बाद दिल्ली के विधायकों का वेतन 150 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई।

अनिल कुमार ने कहा कि कोविड काल में दिल्ली सरकार के निकम्मेपन, असफलताओं और कुप्रबंधन के चलते कोविड मामलों में पाजिटिव रेट और मृत्यु दर में नम्बर वन बनाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री को विधायकों के वेतन में वृद्धि नही बल्कि अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वेतन वृद्धि बिल पर भाजपा नेता भी मुख्यमंत्री के सुर मे सुर मिला रहे है, जिसे चोर दरवाजे से लाया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि विधायकों का वेतन बढ़ाने के बिल की कॉपी को सार्वजनिक किया जाए तथा दिल्ली केबिनेट द्वारा गृह मंत्रालय को भेजे गए पास बिल के प्रस्ताव को बिना मंजूरी गृहमंत्री वापस करें।

उन्हांने कहा कि कोविड काल में आर्थिक रुप से प्रभावित हुई जनता के प्रति बेरुखी अपनाते हुए मुख्यमंत्री केजरीवाल मंहगाई की दुहाई देते हुए शराब और वेट से अर्जित राजस्व की खूली लूट करके अपने विधायकों को मालामाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल द्वारा झूठा बयान दिया जा रहा है पिछले 10 वर्षों से विधायकों का वेतन नही बढ़ा है और दिल्ली के विधायकों का वेतन सबसे कम है क्योंकि केरल में विधायकों का वेतन 70 हजार, छत्तीसगढ़ में 80 हजार, पश्चिम बंगाल में 81,800 और पंजाब के विधायको का वेतन 84 हजार है जबकि दिल्ली में विधायकों का वेतन 90 हजार होगा।

चौधरी अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल बेरोजगारों, युवाओं, स्लम क्षेत्रों, मजदूरों, निम्न व मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक सुविधाऐं देने की जगह अपने विधायकों के लिए खुली लूट मचा रखी है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पूर्व अरविन्द ने हलफनामा दिया था कि विधायकों को सुरक्षा और सुविधाओं की जरुरत नही होती है, तो फिर आज अरविन्द केजरीवाल अपने सुव्यवस्थित बंगले में व्यवस्थाओं को बढ़ाने के लिए 8 करोड़ रुपये खर्च डाले है और विधायकों की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के अलावा उनके घर और कार्यालय में मार्शल भर्ती करने को प्रस्ताव कर रहे है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल दिल्ली में कोविड के प्रकोप को कम करने व महामारी से लड़ाई लड़ने की जगह अपने विधायकों का वेतन बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केजरीवाल विधायकों की वेतन वृद्धि की जगह सरकारी कर्मचारियों के वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी कर सकते थे, पेट्रोल डीजल पर वेट कम करके राहत दे सकते थे, बिना राशन कार्ड वालो को मुफ्त राशन, बिजली पर फिक्स चार्ज से राहत और किसानों को मुफ्त बिजली देकर राहत दे सकते थें। परंतु केजरीवाल अपने भ्रष्ट विधायकां के वेतन में वृद्धि करने के आगे कुछ नही दिखाई दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित न्याय योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दे सकते थे। केजरीवाल ने अपने घोषणा पत्र में 8 लाख युवाओं को रोजगार देने का वायदा किया था जबकि 7 वर्षों में केवल 440 लोगों को रोजगार दिया है।

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