New Delhi: दिल्ली एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से आम जन जीवन परेशान हो गया है। सरकार की तरफ से लगातार प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। इस कड़ी में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले प्रदूषण को लेकर खास निर्देश जारी कर दिए हैं |
CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए अगले आदेश तक एनसीआर के स्कूल, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है। बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से होती रहेगी।
CAQM ने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में 21 नवंबर तक किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी पर रोक लगी रहेगी। हालांकि रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस टर्मिनल और रक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट्स अंडर कंस्ट्रक्शन इस रोक से बाहर रहेंगे और धूल को नियंत्रित करने के मानदंडों के साथ चलते रहेंगे। आदेश में धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने, एंटी स्मॉग गन को भी तैनात करने के आदेश दिए हैं।
CAQM ने दिल्ली के 300 किलोमीटर के रेडियस में मौजूद 11 में सिर्फ 5 कोयले से बिजली बनाने वाले पावर प्लांट्स को काम करने की अनुमति दी है। बाकी के पावर प्लांट्स 30 नवंबर तक प्रदूषण के चलते बंद रहेंगे। जिन 5 पावर प्लांट्स को अनुमति मिली है उनमें हरियाणा के झज्झर स्थित NTPC का पावर प्लांट, महात्मा गांधी थर्मल पावर प्लांट, हरियाणा के पानीपत स्थित HPGCL का पावर प्लांट, पंजाब के राजपुरा स्थित नाभा पावर प्लांट और पंजाब के ही मनसा स्थित तलवंडी साबो थर्मल पावर प्लांट शामिल हैं।
CAQM ने कहा है कि कुछ पावर प्लांट्स बंद होने की वजह से अगर बिजली की कमी होती है तो सरकारें 300 किलोमीटर के रेडियस के बाहर के पावर प्लांट्स से बिजली खरीदकर इस कमी को दूर करेंगी।
दिल्ली में जरूरी सामान को लाने वाले ट्रकों को छोड़कर बाकी सभी ट्रकों पर 21 नवंबर तक प्रतिबंध रहेगा। CAQM के आदेश के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर रोक लगी हुई है फिर भी यह गाड़ियां सड़कों पर चलती हैं जो कि गंभीर विषय है और प्रशासन इसपर कड़ी कार्रवाई करे।
CAQM ने अपने आदेश में दिल्ली और एनसीआर की राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वो ज्यादा ट्रैफिक वाले पॉइंट्स, भीड़भाड़ वाली बाजारों और अनाधिकृत पार्किंग की जगहों की निगरानी करे, जिससे गाड़ियों की भीड़ न लग पाए और ट्रैफिक सामान्य रूप से चले।
दिल्ली में वाहनों से होने वाले प्रदूषण के चलते CAQM ने दिल्ली सरकार को आदेश दिया है कि दिल्ली सरकार जल्द नई CNG बसों की खरीद कर उसे सड़कों पर उतरे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पब्लिक ट्रासंपोर्ट का इस्तेमाल करें और प्रदूषण कम हो।
CAQM ने अपने आदेश में एनसीआर की राज्य सरकारों से कहा कि वो अपने सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले 50% स्टाफ को घर से काम करने की सुविधा दे और प्राइवेट संस्थानों को भी 50% कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति देने के लिए प्रोत्साहित करे। आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर दिल्ली-एनसीआर में डीजल जनरेटर पर भी प्रदूषण के चलते पबंदी लगाई है।