New Delhi: आज बिजली उपभोगता मंच कि और से बिजली संशोधन विधेयक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि संसद के मौजूदा सत्र में बिजली संशोधन विधेयक-2021 के पेश किए जाने पर बिजली क्षेत्र के लाखों लोग आज प्रदर्शन कर रहे हैं। केन्द्र की मोदी सरकार बिजली को प्राइवेट कर लोगों पर अत्याचार करने जा रही है। बिजली सबका अधिकार है इसे भी सरकार प्राइवेट कंपनी के हाथों में देना चाहती है।
बिजली (संशोधन) विधेयक-2021 के संसद में पेश किये जाने पर बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी राष्ट्रव्यापी स्तर पर पूरा दिन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि जब निजीकरण होता है, तो निजी कंपनियों का एकमात्र उद्देश्य होता है निवेश कर मुनाफा कमाना, उनका उद्देश्य सेवा देने का नहीं होता है। बिजली के निजीकरण से बिजली के दाम बढ़ेंगे, जिसका असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा इसलिए हमें बिजली को पूंजीपतियों के हवाले करने की सरकार की इस साजिश को विफल करने के लिए जुझारू दीर्घ आंदोलन चलाना होगा।
आपको बतादें कि बिजली कानून 2003 में संशोधन के लिए लाए जाने वाले इस प्रस्तावित बिल के जरिए बिजली वितरण कंपनियों के कामकाज से लेकर ग्राहकों से वसूले जाने वाले बिजली बिल तक कुछ बड़े बदलाव की तैयारी है। हालांकि, बिल के कुछ पहलुओं को लेकर पहले से ही विवाद भी चल रहा है। बिजली संशोधन बिल की सबसे बड़ी बात ये है कि ये वो बिल है जिसका जिक्र आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने पीएम को भेजे छह सूत्री मांगों में किया है।