दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 5 जनवरी 2014

 दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 5 जनवरी 2014
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 5 जनवरी 2014 को नगर कीर्तन साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्र छाया और पांच प्यारो की अगुवाई में सुबह 9.30 बजे गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब से अरदास के उपरान्त आरंभ होकर तालकटोरा रोड, शंकर रोड, रजिन्द्र नगर, पटेल नगर, शादीपुर डिपो, मोती नगर, कीर्ति नगर, रमेश नगर, राजा गार्डन, राजौरी गार्डन, सुभाष नगर मोड, तिलक नगर, जेल रोड से होता हुआ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा ए-ब्लाक, फतेह नगर में समाप्त हुआ।
इस अवसर पर कमेटी के अधयक्ष स. मनजीत सिंह जी.के. ने संगतों को दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व की बधाई देते हुए कहा कि पुरातनकाल से भारतीय समाज में जाति भेद भाव इतना बढ़ गया था कि विदेशी हमलावर कभी पठान और कभी मुगल बिना किसी रोक टोक के भारत पर हमला करते और लुटने के साथ-साथ औरतों की बेइज्जिती करते। दशम पातिशाह ने श्री अनंदपुर साहिब में सभी जातियों को एक खंडे बाटे में अमृत छका कर जाति भेद भाव को खत्म किया और जुलम को मिटाने के लिए खालसा पंथ की नींव रखी।
कमेटी के महासचिव स. मनजिन्दर सिंह सिरसा ने भी संगतों को गुरपर्व की बधाई देते हुए कहा कि गुरु जी ने दबी कुचली और जुलमों से सताई हुए लोगों में नई रुह डालने और नौजवानों को जालमों से मुकाबला करने के लिए घोड़ सवारी, नेजाबाजी के साथ-साथ हर तरह के हथियार चलाने की भी सिखलाई दी। गुरु जी का समस्त जीवन जालम और जुलम को मिटाने के लिए बीता। उन्होंने किसी भी समय किसी भी पड़ाव पर जालम के साथ कोई समझौता नहीं किया और अपना पूरा परिवार वार कर भारत की जनता को जालमों से बचाने के लिए भी कोई गुरेज नहीं किया।
गुरु महाराज के सत्कार को ध्यान में रखते हुए और श्री अकाल तख्त साहिब जी के आदेशनुसार कमेटी द्वारा नगर कीर्तन में संगतें, शब्दी जत्थे, स्कूलों के बच्चे, बैंड, गतकई अखाड़े श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्र छाया और पांच प्यारो की अगुवाई में पालकी के पीछे-पीछे चले।
इस मौके पर कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष स. रविन्दर सिंह खुराना, कन्ष्ठि उपाध्यक्ष स. तनवंत सिंह, संयुक्त सचिव स. हरमीत सिंह कालका, धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन स. परमजीत सिंह राणा, कमेटी के सदस्य जत्थेदार अवतार सिंह हित, जत्थेदार सुरजीत सिंह चांदनी चैंक, स. गुरविन्दर ंिसंह, स. जसबीर सिंह जस्सी, स. गुरदेव सिंह भेला, स. गुरमीत सिंह मीता, स. परमजीत ंिसंह चांढोक, अरविन्दर सिंह के.पी, हरदेव सिंह धनोआ, स. चमन सिंह, बीबी दलजीत कौर खालसा, स. इन्द्रजीत सिंह मौंटी, स. रवेल सिंह, रविन्दर सिंह लवली, स. मनमिन्दर सिंह आयुर, स. दर्शन सिंह, बिलडिंग कमेटी के चेयरमैन जत्थेदार कुलदीप सिंह भोगल भी शामिल थे।

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