कोरोना का कहर : दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल में डॉक्टर और 5 मरीज मिले कोरोना पॉजिटिव
Rohit Sharma
नई दिल्ली :– दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है , आपको बता दे कि जीबी पंत हॉस्पिटल में एक डॉक्टर और अलग-अलग बीमारी के भर्ती 5 मरीजों के कोरोना पॉजिटिव होने का मामला सामने आया है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि रेजिडेंट डॉक्टर में संक्रमण पाया गया है और यह डॉक्टर लक्षण के बाद भी कई दिनों से वॉर्ड और आईसीयू दोनों जगह ड्यूटी पर थे।
इस डॉक्टर के पॉजिटिव पाए जाने के बाद कई अन्य स्टाफ में संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया है। आईसीयू सील कर सैनिटाइज की मांग की जा रही है और डॉक्टर के संपर्क में आए सभी स्टाफ की जांच की भी मांग की जा रही है।
जीबी पंत अस्तपाल के गेस्ट्रो विभाग के एचओडी डॉ. संजीव सचदेवा ने अपने विभाग के एक रेजिडेंट डॉक्टर में वायरस पाए जाने के बाद अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को पत्र लिखा है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि उनके विभाग के एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर पिछले 7 दिनों से रेसपिरेटरी प्रॉब्लम्स और अन्य लक्षण के बाद भी गुरुवार की सुबह तक ड्यूटी कर रहे थे। उनका सैंपल 27 अप्रैल को लिया गया था। इस दौरान डॉक्टर अपने साथी डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ के साथ संपर्क में थे।
संक्रमित डॉक्टर वॉर्ड 7 और वॉर्ड 7 आईसीयू में तैनात थे। उनके संपर्क में आए 6 रेजिडेंट डॉक्टरों के अलावा कई अन्य स्टाफ की जांच की मांग की गई है। आईसीयू बंद कर इसे सैनिटाइज कराने की भी मांग की जा रही है।
वहीं, नॉन कोविड मरीज को बिना स्क्रीनिंग एडमिट किए जाने के मामले पर अस्पताल की नर्सिंग यूनियन ने नाराजगी जताई है। यूनियन के प्रेजिडेंट लीलाधर रामचंदानी ने कहा कि एक मरीज न्यूरो के इलाज के लिए इमरजेंसी में आईं थीं, उन्हें बिना कोविड स्क्रीनिंग के वॉर्ड 6 आईसीयू में एडमिट कर लिया गया। वह बाद में पॉजिटिव पाई गईं।
बार-बार मांग करने के बाद भी नॉन कोविड मरीजों के मैनेजमेंट के लिए हमारे पास कोई प्रोटोकॉल नहीं है। जिस मरीज को आईसीयू में एडमिट किया गया, वहां पर सेंट्रल एसी है। सेंट्रल एसी सिस्टम की वजह से संक्रमण एसी के जरिए और दूसरी जगह भी फैलने का डर है।
लीलाधर ने बताया कि अब तक अस्पताल में एडमिट 5 मरीज पॉजिटिव हो चुका हैं। नान कोविड के इलाज के लिए आए मरीजों में कोविड पाया जाना, डयूटी पर तैनात स्टाफ के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर के संपर्क में आए कई नर्सिंग स्टाफ को शुक्रवार को जांच के लिए एनजेपी ले जाया गया था, लेकिन वहां पर इनका सैंपल नहीं लिया जा सका।