नेताजी के स्वराज के सपने को पूरा करने के लिए सबका प्रयास ज़रूरी, आज़ाद हिंद हक़ूमत दिवस पर बोले गडकरी
आज़ाद हिंद हक़ूमत दिवस के उपलक्ष में बुधवार को दिल्ली में FICCI एवं INA ट्रस्ट द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बतौर मुख्य अथिथि शामिल हुए।
बता दें कि आज़ाद हिंद हक़ूमत की स्थापना नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए कि थी, और तबसे हर साल यह दिन आज़ाद हिंद हक़ूमत दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
कार्यक्रम में मौजूद नितिन गडकरी ने अपने भाषण में कहा कि हमारे देश और हमारी स्वाभिमान्ता के लिए जिन्होंने अपनी जान दी है उन महान हस्तियों को हम कभी भूल नहीं सकते हैं। अगर वो हमारे लिए बलिदान नहीं देते तो आज हमें ये दिन देखने को नही मिलता।
नेताजी को याद करते हुए गडकरी बोले, “इस देश में हम नेताजी के योगदान कभी भूल नहीं सकते। वो एक राष्ट्रीय भक्त थे, राष्ट्रीय निर्माता थे। उन्होंने आज़ाद हिंद सेना की स्थापन कर के अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। राष्ट्र के प्रति जो उनका भाव था वो ही हमारी आज की प्रेरणा है।”
गडकरी ने आगे कहा, “जिन्होंने आज़ादी के लिए अपनी कुर्बानी दी हमने उनके सपनों का भारत बनाने की कोशिश की है और यही प्रयास देश के प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आगे भी करेंगे। आत्मनिर्भर भारत का जो संकल्प है वो भारत को भय मुक्त और आत्मनिर्भर बनाने का है। अगर हमे हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाना है, तो हमे हमारे देश के उद्योग, कृषि, आदि सभी क्षेत्रों पर काम करना होगा। नेताजी का सपना भारत में स्वराज्य लाने का था। भारत में स्वराज्य लाने के लिए केवल सरकार के काम करने से नहीं होगा, उसके लिए देश के हर एक नागरीक को काम करना होगा। भारत में स्वराज लाने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा पर खास ध्यान देना होगा साथ ही निर्यात को बढ़ाना और आयात को कम करना होगा।”
आखिर में अपने मंत्रालय के बारे में बात करते हुए गडकरी ने बताया कि हर दिन हमारे देश में 30 किमी लम्बे हाईवे का निर्माण हो रहा है जोकि अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।

