New Delhi (11/12/2021): देश में इन दिनों सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन जारी है, तमाम विपक्ष की पार्टियां सरकार की नीतियों और कामकाज के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रही है। पूरे देश में इन दिनों बैंक कर्मी हड़ताल पर हैं उनका कहना है कि यह सरकार बैंक को प्राइवेट कर रही है, सब सरकारी कर्मचारी इतने दिनों से सरकारी बैंकों में काम कर रहे हैं तो अब प्राइवेट होने के कारण सबकी नौकरी चली जाएगी जिससे बहुत सारे नुकसान भी होंगे।
इन्हीं तमाम मुद्दों पर टेन न्यूज ने कांग्रेस पार्टी के नेता और प्रवक्ता गौरव वल्लभ से बातचीत की गौरव बल्लभ ने कहा कि बैंक का प्राइवेटाइजेशन किसके लिए सरकार कर रही है, हम दो हमारे दो जो भी मिले उसे बेच दो। बैंकों से लेकर शिपिंग कंपनी से लेकर एयरपोर्ट से लेकर तेल बनाने वाली कंपनी, स्टील बनाने वाली कंपनी, जितनी भी प्राइवेट सेक्टर की कंपनी है उसे सरकार आज बेच रही है। गौरव वल्लभ ने कहा कि सरकार सारी पब्लिक यूनिट को क्यों बेचना चाहती है।
गौरव वल्लभ ने कहा कि आज बैंकों को कैपिटल की जरूरत है प्राइवेटाइजेशन कि नहीं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह बैंक काफी अहम भूमिका निभाते आए हैं। यह वह बैंक है जिन्होंने अपनी मेहनत से भारत को बनाया है। आज आप ओने पौने दामों पर अपने अपने निजी क्षेत्रों के दोस्तों के हाथों में बैंकों को बेचकर उनके हवाले करना चाहते हैं, आखिर क्यों। सरकार से पूछना चाहता हूं कि सरकारी बैंकों का डिपॉजिट में हिस्सा 70% है। लोगों का विश्वास आज सरकारी बैंकों पर है जो लोग वहां डिपॉजिट करते हैं, उन्हें विश्वास है कि हमारा पैसा सुरक्षित हाथों में है।
गौरव वल्लभ ने कहा कि पिछले तीन-चार सालों में हमने देखा है कि जो पीएमसी बैंक है, यस बैंक है वहां लोगों के पैसे पड़े रहे और लोग अपने पैसों को निकाल नहीं पाए। लोगों का विश्वास सरकारी बैंकों पर है तो क्यों इन बैंकों को प्राइवेट हाथों में दिया जा रहा है।
सरकारी बैंकों को ऑटोनॉमी की जरूरत है, नई टेक्नोलॉजी की जरूरत है, कैपिटल की जरूरत है,नए जोश की जरूरत, नए विजन की जरूरत है, निजी क्षेत्र को बेचने की जरूरत नहीं है।
लोकसभा और राज्यसभा के शीतकालीन सत्र में जिस तरीके से 12 सांसदों को निलंबित कर दिया गया है इस पर कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि यह सरकार चर्चा से डरती है। गौरव वल्लभ ने कहा कि किसानों के लिए कृषि कानून सदन में बिना चर्चा के लाए गए और बिना चर्चा के इसे वापस लिया गया। गौरव वल्लभ ने कहा कि यह सरकार चर्चा से इतना क्यों डरती है, मैं पूछना चाहता हूं की मन की बात को चर्चा से डर क्यों है, मन की बात वालो को चर्चा से नहीं घबराना चाहिए। जब आप हर चीज में चर्चा से घबराते हो तो आप जरूरी मुद्दों को डायवर्ट करते हो, और जो देश में इन दिनों मुख्य मुद्दा है उस पर आप चर्चा नहीं करना चाहते हो।
तीन कृषि कानून को सरकार ने वापस ले लिया है लेकिन क्या सरकार अब किसान को एमएसपी पर गारंटी देगी, इस सवाल पर गौरव वल्लभ ने कहा कि सरकार को एमएसपी पर गारंटी देनी पड़ेगी। गौरव वल्लभ ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि समय पर किसानों को एमएसपी की गारंटी दे दिया जाए नहीं तो माफी मांगकर देनी पड़ेगी एमएसपी पर गारंटी।