ग्रेटर नोएडा के उद्यमी घर बैठे पा सकेंगे नो ड्यूज सर्टिफिकेट, ईआरपी के तहत छह सितंबर से होगी शुरुआत
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ईआरपी के तहत आगामी छह सितंबर से सेक्टर 10 के उद्यमियों के लिए ट्रायल के तौर पर नो ड्यूज सर्टिफिकेट ऑनलाइन करने जा रहा है। इससे उद्यमी घर बैठे नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। एक सप्ताह के सफल ट्रायल के बाद इसे सभी उद्यमियों के लिए लागू कर दिया जाएगा। इससे उद्यमियों का समय भी बचेगा और कार्यप्रणाली में और पारदर्शिता आएगी। इसे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ईआरपी (इंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम लागू करने पर काम चल रहा है। टेक महिंद्रा को इसका जिम्मा मिला हुआ है। बतौर पहला फेज ई-फाइलिंग के रूप में पहले ही शुरुआत हो चुकी है। अब मैनुअल फाइल बननी बंद हो गई है। अब प्राधिकरण आवंटियों के लिए सेल्फ सर्विस मोड में आने की तरफ कदम बढ़ा रहा है। इसकी शुरुआत ईकोटेक 10 के उद्यमियों से होने जा रही है। सबसे पहले सेक्टर 10 के उद्यमियों के नो ड्यूज सर्टिफिकेट जनरेट करने की सुविधा मिलेगी। छह सितंबर से उद्यमी ऑनलाइन नो ड्यूज सर्टिफिकेट जनरेट कर सकेंगे।
इसी मसले पर बृहस्पतिवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के समक्ष प्रस्तुतिकरण हुआ, जिसमें टेक महिंद्रा के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण को पूरी जानकारी दी। अगर उद्यमियों का कोई भुगतान पेंडिंग नहीं है तो वे घर बैठे ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पोर्टल से स्थायी नो ड्यूज सर्टिफिकेट जनरेट कर सकेंगे, जिनकी किस्तें चल रही हैं वे अस्थायी (तय समयावधि के लिए) नो ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। इस सुविधा के शुरू होने से उद्यमियों को प्राधिकरण दफ्तर नहीं आना पड़ेगा। उनका समय बचेगा और पारदर्शिता भी आएगी। उद्योग विभाग में सफल ट्रायल के बाद बाकी संपत्ति के आवंटियों (आवासीय, वाणिज्यिक, संस्थागत, आईटी आदि, निर्मित भवन आदि) के लिए भी यह सुविधा लागू कर दी जाएगी। डेवलपर के लिए यह सुविधा अंत में शुरू की जाएगी।
सीईओ नरेंद्र भूषण ने ईआरपी सिस्टम को तैयार कर पूरी तरह से लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तुतिकरण के दौरान एसीईओ अमनदीप डुली, ओएसडी सचिन कुमार सिंह, ओएसडी शिव प्रताप शुक्ला, जीएम वित्त एचपी वर्मा, डीजीएम सीके त्रिपाठी, ओएसडी संतोष कुमार, सहायक महाप्रबंधक स्मिता सिंह व केके यादव आदि शामिल रहे।