बच्चो का माइंड सेटअप करेगा अब वेव ऑफ़ एजुकेशन एन जी ओ”
LOKESH GOSWAMI
आज वेव ऑफ़ एजुकेशन एन जी ओ’ के फाउंडर डायरेक्टर रवीन्द्र साहू ने आज प्रेस वार्ता में बताया कि संस्था द्वारा चलाए जा रहे प्रोग्रामो के बारे में बताया कि मैने 19 साल की उम्र में करियर सेमिनार की शुरुवात की थी। साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे देश में 65 मिलियन लोग आज भी झुग्गी झोपड़ी व् बस्ती में रहते है। जिनमे से 150 मिलियन बच्चे चाय की दुकानो व् ढाबो पर बाल मजदूरी करते है। जिसमे 1.35 लाख लोग अलग अलग बजहो से आत्मा हत्या करते है। आश्चर्य की बात तो यह है कि आत्मा हत्या करने वालो में से 80 % लोग पढ़े लिखे होते है। ख़राब स्वास्थ या ख़राब पोषण की बजह से 6 में से 1 लड़की अपना 15 वॉ जन्मदिन भी नही मना पाती। क्योकि हर कोई बोलता है कि बच्चे देश का भविष्य है लेकिन 50 % बच्चे को स्कूल ही नही जाते। वेव ऑफ़ एजुकेशन एन जी ओ इन समस्याओ को दूर करने के लिए कुछ कदम उठा रहा है जिसके अंतर्गत 5 प्रोग्राम चलाए जा रहे है। .
1. जीवन – सुरक्षित जिंदगी की ओर।
‘जीवन – सुरक्षित जीवन की दिशा’ एक आत्मा हत्या रोधी कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत स्कूलों, कालेजो और कॉर्पोरेट ऑफिसो में जिंदगी के महत्व को लेकर जागरूकता कार्यक्रम होगे।
2. मिशन ख़ुशी – खुशियों की तरफ एक कदम
मिशन ख़ुशी के उद्देश्य
-हेल्थी वीमेन फॉर हेल्थी नेशन
-गरीब बस्तियों में मेडिकल परीक्षण।
-महिला काउंसलर की मदद से गरीब बस्तियों की लड़कियों के लिए स्वास्थ जागरूकता -कार्यक्रम।
-कंबलों और कपड़ो का बितरण।
“ठण्ड से कभी कोई नही मरता, कपड़ो की कमी से मरता है”मिशन ख़ुशी के अंतर्गत दीवाली की सुबह परीचौक (अंसल नाले के पास ) स्लम बस्ती में और १४ नवंबर की शाम नेहरू स्लम बस्ती पड़पड़गंज दिल्ली और यमुना ब्रिज स्लम बस्ती में लगभग १२०० लोगो को कपड़े बाटे.
3. शिक्षा मिशन यात्रा
अपनी रचनात्मत सोच और उम्र में हम भारतीय पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा युवा है. हमारे देश का युबा अपने लक्ष्य से न भटके और आसानी से उसे पा सके शिक्षा मिशन यात्रा के कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोफेशनल पढ़ाई , स्किल्स डेवलपमेंट के लिए जागरूकता फैलाई जाएगी और पढ़ाई के लिए मोटिवेशनल कैरियर सेमिनारों का आयोजन होगा जिनके अंतर्गत एक्सपर्ट काउंसलर बच्चो को अपनी राय देंगे।
अब तक हम इस प्रोग्राम में ३६००० बच्चो को मोटीवेट कर चुके है .
4. साड्डा हक़
साड्डा हक़ लोगो के अंदर क़ानून और व्यवस्था के प्रीति जागरूकता फ़ैलाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम है।
शिक्षा का अधिकार
सूचना का अधिकार
अभिव्यक्ति का अधिकार
श्रम अधिकार
मानव अधिकार
चाइल्ड राइट्स
नागरिकता के अधिकार
मौलक और नैतिक अधिकार
“मान मिले, सम्मान मिले, मुझे जीने का अधिकार मिले”
5.ख़ुशी – एक स्लम स्कूल
‘ख़ुशी – एक स्लम स्कूल ‘ स्लम बच्चो के लिए गुणवत्ता सहित उचित शिक्षा के लिए स्कूलिंग प्रोग्राम है।
– उचित सिलेबस के साथ 7 :30 से 1 :30 तक फुल डे स्कूल
– सोमवार से शुक्रवार तक क्लासेज
– शनिवार के दिन इंजीनियरिंग/ मेडिकल कॉलेज के टीचर्स / कॉर्पोरेट गेस्ट/ शहर के होनहार छात्रों द्वारा गेस्ट लेक्चर।
– बच्चो के लिए कपड़े , स्टडी किट और स्कूलिंग का निशुल्क इंतजाम।
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