प्रशासन व प्रदेश सरकारों के गलत आंकडों से मृतक किसानों के शोकाकुल क्षुब्ध

Lokesh Goswami

प्रशासन व प्रदेश सरकारों के गलत आंकडों से मृतक किसानों के शोकाकुल क्षुब्ध

बीते दिनों मौसम की मार से मारी गयी किसानों की फसलों से आहत व दुखी किसानों की आत्महत्यायें व हार्टअटैक से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है। हर रोज प्रदेश व देश में बर्बाद फसलों के कारण बडी संख्या में किसान अपनी जान से हाथ धो रहे हैं, मगर प्रशासन व शासन के नकारात्मक रवैये से मृतकों के परिवार के साथ-साथ देश के किसानों में भारी आक्रोश है। यहां तक कि प्रशासन व प्रदेश सरकारें लगातार हो रही किसानों की मौतों को स्वाभाविक मौत घोषित करके ये आंकडा घटाने की कोशिश कर रही है। ताकि देश व विश्व में उनकी फजीहत ना हो। अपनी फजीहत व बदनामी से बचने के लिए ये बेबस व लाचार किसानों की मौतों के आंकडों पर भी राजनीति कर रहे हैं।
किसानों का एक दल वरिष्ठ किसान नेता व उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ठाकुर धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में जनपद गौतमबुद्धनगर में मृतक किसानों के शोकाकुल परिवारों से मिला, जिनमें जेवर तहसील के गांव नगला जहानू के 44 वर्षीय मृतक बसरू, छातंगा कलां के 40 वर्षीय मृतक जगपाल, श्यामनगर के 65 वर्षीय मृतक नारायण सिंह व तहसील सदर के गांव ठसराना के 70 वर्षीय मृतक सतेन्द्र सिंह आदि शामिल हैं। सभी मृतकों के परिवारों वालों से बातचीत के बाद ज्ञात हुआ कि सभी मृतक किसानों को अपनी बर्बाद हुई फसलों को खेत में देखकर गहरा धक्का लगा और उसी कारण हार्टअटैक से सभी की मौत हुई हैं।
उपरोक्त सभी किसानों की अधिकतर खेती किराये पर जमीन लेकर की जाती थी और सभी किसान कर्जों में डूबे हुये थे, उन्हें फसलों से उम्मीद थी कि वो अपना कर्जा पटा पायेंगे, परन्तु बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि ने किसानों से उनकी अंतिम आस भी छीन ली, जिसके परिणामस्वरूप उनके सब्र का बांध टूट गया और गहरे सदमे से उनके हृदयगति रूकने से मौतें हुई।
किसानों की मौतों की खबर सुनकर प्रशासन के लोग वहां पहुॅचे जरूर, परन्तु प्रशासन का रवैया सिर्फ उन मृतक किसानों की मौतों को स्वाभाविक मौते घोषित करना तक ही सीमित था। प्रशासन के इस रवैये से मृतकों के परिवार वालों में भारी रोष व्याप्त है, दल के अध्यक्ष व वरिष्ठ किसान नेता धीरेन्द्र सिंह ने शोकाकुल परिवार वालों को ढांढस बधाया व जिला स्तर व मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया। इस सम्बन्ध में धीरेन्द्र सिंह ने मा0 मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर किसानों की मदद करने का आग्रह किया।
धीरेन्द्र सिंह के साथ किसानों के दल में मौज्जम खांन, हंसराज शर्मा, श्रीओम शर्मा, जराफत भैया, दीपक छौंकर, ललित, हाजी उस्मान आदि कई किसान शामिल थे।

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