नई दिल्ली, (12/02/22): कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिजाब का मामला कर्नाटक से उठकर पूरे हिंदुस्तान में आग की तरह फैल रहा है। कर्नाटक के एक कॉलेज में हिजाब पहनकर आई मुस्लिम लड़की के विरोध में कुछ हिंदू लड़कों ने नारेबाजी की जिसके बाद इस पर राजनीति भी जमकर हो रही है। मामला कर्नाटक से निकल कर पूरे देश में फैलता जा रहा है। अलग-अलग नेता अपने तौर पर बयानबाजी कर रहे हैं। कुछ राज्यों में इस वक्त विधानसभा चुनाव हो रहे हैं और उसमें भी हिजाब का मामला तुल पकड़ता नजर आ रहा है। इस बीच हिजाब मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है।
आपको बता दें कि मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई खालिस्तानी आतंकी संगठन द्वारा भारत में हिजाब रेफरेंडम के जरिए अराजकता फैलाने की साजिश रच रही है। इस मसले पर भारत की खुफिया एजेंसी आईबी ने अलर्ट जारी किया है। आईएसआई ने भारत में हिजाब रेफरेंडम के लिए वेबसाइट बनाई। इसके अलावा सिख फॉर जस्टिस के चीफ गुरूपंतवंत सिंह पन्नू से ISI ने वीडियो जारी करवाया। ISI की साजिश के बाद भारत की खुफिया एजेंसियां एक्टिव हुई। इसपर आईबी ने अलर्ट जारी किया है। अलर्ट में बताया गया है की सिख फॉर जस्टिस के चीफ गुरूपंतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी किया है, जिसमें वो भारत को तोड़ने के लिए हिजाब जनमत संग्रह जैसे एजेंडा को फैलाने की कोशिश में है।
पन्नू ने भारतीय मुस्लिम से अपील की है की वो हिजाब रेफरेंडम शुरू करें और भारत को उर्दुस्तान बनाने की तरफ बढ़े। भारत में हिजाब रेफरेंडम एजेंडा फैलाने की कोशिश
आईबी ने जानकारी दी कि दिल्ली,राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में हिजाब रेफरेंडम एजेंडा फैलाने की कोशिश की जा सकती है। आईबी ने सभी राज्यों को अलर्ट किया है।
आपको बातदें कि 11 फरवरी को जारी किए गए आईबी अलर्ट के मुताबिक वीडियो में पन्नू ने भड़काऊ वीडियो में हिजाब रेफरेंडम के जरिए भारतीय मुसलमानों को भड़काने की कोशिश की है और कहा है की आज हिजाब पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है कल अजान और फिर कुरान पर होगा। इसलिए अब विरोध करने का वक्त आ चुका है भारत को उर्दुस्तान बनाओ। पन्नू ने कहा कि पाकिस्तान से सीखो कैसे अलग मुस्लिम देश बनाया है।
आपको बतादें कि पन्नू ने वीडियो में कहा है की हिजाब रेफरेंडम के लिए वो बड़े पैमाने पर फंडिंग भी करेगा। लिहाजा आईबी ने सभी लोकल पुलिस और एजेंसियों को अलर्ट पर रहने को कहा है। हिजाब रेफरेंडम के लिए बकायदा एक वेबसाइट भी जारी की गई है जिसमें लोगों से ऑनलाइन आकर सपोर्ट करने को कहा गया है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इन सबके पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI का शातिर दिमाग है।