नई दिल्ली :– स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हो रही लगातार मारपीट के खिलाफ आईएमए ने डॉक्टरों को कल देश भर में प्रदर्शन करने के लिए आह्वाहन किया है | आईएमए के अनुसार इस प्रदर्शन में 3 लाख से अधिक डॉक्टर्स जुड़ेंगे | आपको बता दें कि यह प्रदर्शन सिर्फ मोदी सरकार को चेतावनी देने के लिए है, मरीजों का इलाज जारी रहेगा, और हर डॉक्टर अपनी ड्यूटी निभाएगा।
गौरतलब है की कोरोना महामारी के काल में देश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी हुयी है, जिसके चलते डॉक्टरों के परिजनों में डर का माहौल पैदा हो गया। आईएमए के अध्यक्ष ने बताया कि कोरोना महामारी में काफी संख्या में डॉक्टर्स की मृत्यु हुई है। उनके साथ जो मारपीट की घटनाएं हुई है, वो निंदनीय है। इन घटनाओं से उनका आत्मसम्मान चकना चूर हो गया है, डॉक्टरों के बच्चें कह रहे है कि इस लाइन को छोड़ दो, क्योंकि आत्मसम्मान खत्म हो गया गया है।
आईएमए अध्यक्ष ने मांग की है की प्रत्येक अस्पताल के सुरक्षा मानक बढ़ाए जाएं। सरकारी अस्पतालों में भी मारपीट की घटनाएं हुई है। हर जगह सुरक्षा जरूरी है। अस्पताल को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। दोषी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जानी चाहिए।
बता दे कि कल आंदोलन नहीं सिर्फ शांतिपूर्वक ढंग से ज्ञापन सौंपा जाएगा और डॉक्टर्स की सुरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून की मांग कि जाएगी |
वही इस मामले में आईएमए के पूर्व अध्यक्ष राजन शर्मा ने कहा की इस हिंसा से वह युवा जो कि मेडिकल प्रोफेशन में आना चाहते है, उनका आत्म विश्वास खत्म हो गया है, क्योंकि इतनी मेहनत करके डॉक्टर बने तो सिर्फ पिटाई के लिए, यह अच्छा नही है, युवाओं की मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
