वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ एवं इन्वेस्टमेंट बैंकर आदित्य कश्यप : बजट है इन्वेस्टमेंट के 100% अनुकूल
टेन न्यूज़ ने हाल ही मे वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ एवं इन्वेस्टमेंट बैंकर आदित्य कश्यप से कुछ महत्वपूर्ण सवाल जवाब किए|
टेन न्यूज़ रिपोर्टर ने आदित्य कश्यप से सबसे पहला प्रश्न यह किया की “बजट 2021 को आप कैसे देखते हैं?” जिसका जवाब देते हुए आदित्य कश्यप बोले, मैं बजट 2021 का पूर्ण रूप से स्वागत करना चाहता हूं और मुझे उम्मीद है कि अन्य लोग भी इसका स्वागत करेंगे, क्योंकि यह बजट बहुत ही सकारात्मक है जिस महामारी से भारत और यह विश्व जूझ रहा है, बाजार बंद हो चुके थे, लग रहा था कि इस बार जो बजट आएगा उसमें गवर्नमेंट टैक्स बढ़ाएगी क्योंकि वह पहले ही काफी खर्चा महामारी पर कर चुकी थी लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ, हम गलत साबित हुए, केंद्र सरकार ने “हेल्थ इज वेल्थ” को याद रखते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में अधिक ध्यान दिया है जोकि आज के दौर की आवश्यकता भी है।
इन सबके अलावा हाउसिंग के मसले पर केंद्र सरकार ने ध्यान दिया है, सब्सिडी बढ़ाई है और स्वच्छता आदि पर ध्यान दिया है जो कि अपने आप में एक प्रशंसनीय कदम है।
आदित्य कश्यप आगे बोले कि आज के दौर में दो ही चीजें देखी जा रही हैं सरवाइव और रिवाइव, आज जो हमारे प्रतिद्वंदी हैं उनके साथ हम कैसे सरवाइव कर सकते हैं और उसके बाद हम रिवाइव कैसे हो सकते हैं इस पर केंद्र सरकार ने ध्यान दिया है| मैं मानता हूं कि बजट कई विषयों पर लोग असहमत होंगे और होने भी चाहिए क्योंकि सकारात्मकता और नकारात्मकता दोनों ही विकास की गति को तेज करते हैं हम सिर्फ नकारात्मक होकर आगे नहीं बढ़ सकते वहीं दूसरी तरफ सकारात्मकता भी हमें आगे नहीं बढ़ने दे सकती इसीलिए जो खामियां हैं वह विचार योग्य हैं उन पर मंथन होना चाहिए लेकिन मुझे फिलहाल इस बजट में काफी सकारात्मकता और ऊर्जा दिखाई दी है और मैं आशा करता हूं कि यह देश को तरक्की के नए आयामों पर पहुंचाने का कार्य करेगा हमारे देश को आत्मनिर्भर भारत बनाएगा।
बातचीत आगे बढ़ी तो टेन न्यूज़ रिपोर्टर ने आदित्य कश्यप से पूछा कि अन्य देशों द्वारा भारत में इन्वेस्टमेंट के विषय पर यह बजट कैसा है?
इसके जवाब में आदित्य कश्यप ने कहा कि इन्वेस्टमेंट के लिहाज से इस बार का बजट 100% इन्वेस्टमेंट के अनुकूल है, आदित्य कश्यप ने कहा कि मैं आपके चैनल पर इस विषय पर पहले भी बात कर चुका हूं और पहले जब मैंने इसका जवाब दिया था तो उसमें एक क्वेश्चन मार्क लगा हुआ था पर अब मैं बिल्कुल सुनिश्चित हो चुका हूं कि इन्वेस्टमेंट के लिए भारत का बजट अनुकूल है और इसके परिणाम हमें दिखने प्रारंभ भी हो गए हैं फिर चाहे वह टेस्ला का भारत में आना हो या एप्पल द्वारा भारत में निवेश किया जाना हो, मुझे पता है कि कोरोनावायरस से काफी नुकसान हुआ है लेकिन इस सबके बीच विश्व की नजर बाजार के लिए और निवेश के लिए चीन को छोड़कर भारत पर पड़ी है और जिसके परिणाम अब धीरे-धीरे दिखने भी शुरू हो चुके हैं।
भारत में निवेश करना आसान भी है क्योंकि यहां पर मैन पावर सस्ता है, यहां पर आपको जमीन लेना आसान पड़ता है और मुख्य बात तो यह है कि हमारे देश की नीतियां अन्य देशों के व्यापारियों को सपोर्ट करती है कि वह हमारे देश में निवेश करें।
आदित्य कश्यप ने बातचीत के दौरान हेल्थ केयर सेक्टर की बात की उन्होंने कहा कि आज जो काम अमेरिका नहीं कर पाया वह भारत ने कर दिया आज भारत फार्मा के क्षेत्र में अग्रणी देशों में से एक है अमेरिका जैसा विकसित देश आज मात्र एक वैक्सीन ला पाया है और वहीं दूसरी तरफ भारत की दो कंपनियों ने दो वैक्सीन तैयार कर दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि अभी भारत को दो वैक्सीन और मिल सकती हैं तो यह विचार करने योग्य बात है| आदित्य कश्यप ने कहा कि आज भारत के पास वैक्सीन निर्यात करने हेतु आर्डर पर आर्डर आ रहे हैं लेकिन भारत का प्रोडक्शन अभी थोड़ा कम है और भारत की वैक्सीन अभी भारत में इस्तेमाल हो रही है और कुछ महत्वपूर्ण देशों को दी जा रही है जिनसे भारत के संबंध बहुत अच्छे हैं|
बातचीत आगे बढ़ी तो टेन न्यूज़ रिपोर्टर ने आदित्य कश्यप से प्रश्न किया कि क्या किसान आंदोलन का विदेशी इन्वेस्टर्स जो भारत में इन्वेस्ट करना चाहते हैं उन पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
आदित्य कश्यप ने कहा कि देखिए फर्क तो पड़ता ही है पर मुझे लगता है फर्क बहुत कम पड़ेगा क्योंकि जो फ्रीडम ऑफ स्पीच होती है वह हमारे देश में सबकी होती है भारत के संविधान की यही एक विशेषता है, और ऐसे आंदोलन सिर्फ भारत में नहीं होते हैं यह आंदोलन दुनिया के सभी देशों में सभी मुल्कों में होते हैं, तो मुझे लगता है आंदोलनों का इन्वेस्टमेंट मैं कोई ज्यादा प्रभाव नहीं है, बस हमें आंदोलनों में यह देखना है कि क्या यह आंदोलन शांतिपूर्ण है, क्या यह मूल्यों के आधार पर हैं।
और हमारे देश की यह अच्छी बात है कि अभी किसानों का आंदोलन चल रहा है तो उसको सरकार ने रोका नहीं सरकार ने हमेशा कहा कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं, सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि आप आंदोलन कर सकते हैं मुझे लगता है कि बहुत जल्द ही किसानों का हल निकाल लिया जाएगा और जो यह विदेशी नागरिक या विदेशी सेलिब्रिटी ट्वीट कर रहे हैं उनको यह समझना चाहिए कि यह भारत का आंतरिक मामला है और भारत सरकार और भारत के नागरिक इसका हल निकाल लेंगे।