देश में पहली बार सिवल मेडिकल टीम को आईटीबीपी ने दी माउंटेनअरिंग रेस्क्यू ट्रेनिंग

सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस का 10 दिन का संयुक्त अभ्यास आईटीबीपी अकेडमी-मसूरी में पूरा हो गया है। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य सिक्स सिग्मा के कर्मचारियों को पर्वतीय क्षेत्रों में कार्य करने के दौरान आने वाली कठिनाइयों से विजय प्राप्त करने की नवीनतम तकनीकों को सिखाना था।

सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस के सीईओ डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने ट्रेनिंग के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि सिक्स सिग्मा भारत की एकमात्र ऐसी प्राइवेट संस्था है जिसके वॉलंटियर्स ने आईटीबीपी सहित भारतीय सेना, एयरफोर्स, बीएसएफ, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और सिक्स सिग्मा ने इस प्रशिक्षिण सत्र को ‘माउंटेन रेस्क्यू एंड माउंटेन मेडिसिन’ नाम दिया, जिसे सिक्स सिग्मा के प्रबंध निदेशक डॉ. प्रदीप भारद्वाज और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक सुरजीत सिंह देशवाल (आई.पी.एस) के अथक प्रयासों से आयोजित किया गया था। इस संयुक्त अभ्यास के आयोजन के लिए आईटीबीपी कार्यालय से अपर महानिदेशक मनोज सिंह रावत और महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) ईश्वर सिंह ने अनुमति प्रदान की। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी (कॉम्बैट विंग) मसूरी में किसी असैनिक संस्था को पहली बार ट्रेनिंग दी गई।

संयुक्त अभ्यास के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए डीआईजी ब्रिगेडियर रामनिवास ने सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनके द्वारा किए गए कार्यों को सैल्यूट किया। उन्होंने कहा कि सिक्स सिग्मा दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बहुत अच्छा कार्य कर रही है। इस कार्य में आईटीबीपी, सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस को भरपूर सहयोग देंगे। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस के वालंटियर्स को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षण देगा। आईटीबीपी की ओर से प्रशिक्षण देने के लिए इंस्पेक्टर/ जीडी वाई. अशोक सिंह, एसआई/जीडी हरदेव मेहता, बोना राम(एएसआई/जीडी) और अवनीश पुरोहित(डीसी/जीडी) को नियुक्त किया गया था।

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सिक्स सिग्मा के वॉलंटियर्स माउंटेन मेडिसिन, मौसम के अनुरूप बनना, ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों को स्वस्थ रखने की उपचार विधि, उच्च उक्तांश में सुरक्षित यात्रा करने के लिए स्वयं को तैयार करना, रोप में गांठ लगाने के अलावा अतिआधुनिक यंत्रों के उपयोग, सीधी चट्टान पर चढ़ना, पहाड़ों में होने वाली परेशानियों को दूर करना, नदी को पार करने की विधियां, रैप्लिंग, बर्फ और उसको हटाने की तकनीक, हाई अल्टीट्यूड में जाने के लिए सुरक्षा तैयारियां, ऊंचाई पर रहने की व्यवस्था (कैम्पिंग), ऊंचाई पर रस्सी के साथ कसरत, पर्वतारोहण, विभिन्न प्रकार की गांठ बांधना और चट्टानों व दीवारों पर चढ़ना, बर्फीले स्थानों पर चढ़ना, निजी अभ्यास, बर्फीले तूफान, बर्फीली जगहों पर चढ़ना एवं उतरना, बर्फीली दीवारों पर रस्सी के सहारे चढ़ना-उतरना, नुकीली कीलों का इस्तेमाल करना, नकली श्वांस देना और ऊंचाइयों पर चढ़ाई करने जैसी ट्रेनिंग दी गई ! इस प्रशिक्षण में संस्था की ओर से डॉ. प्रदीप भारद्वाज, डॉ. परवेज अहमद, आशीष शर्मा, भारत शर्मा, सिद्धांत शर्मा, बलदेव बत्रा, महिमा, तनीषा और यश गौतम आदि ने भाग लिया।

भारत शर्मा, ट्रेनिंग कमांडर ने कहा की, वर्ष 2013 से केदारनाथ में हमने हाई ऐल्टिटूड हॉस्पिटल की स्थापना की और देश के गौरवशाली परंपरा के प्रति समर्पण भाव के साथ सिक्स सिग्मा ने उत्तम स्वास्थ्य सेवा, सत्य, साहस, समर्पण और पराक्रम से प्रदेश के विकास में चार चाँद लगाए और कन्धे से कन्धा मिलाकर अदम्य साहस का परिचय दिया !

सिक्स सिग्मा हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस देश की एकमात्र ऐसी संस्था है जो सरकार और किसी भी व्यक्ति विशेष से आर्थिक सहायता लिए बगैर किसी भी समय, कही भी, किसी भी वातावरण और ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में माउंटेन मेडिसिन चिकित्सा सेवा प्रदान करती है। हाई ऐल्टिटूड मेडिकल सर्विस की टीम अब तक हाई ऐल्टिटूड क्षेत्रों में आयोजित किए गए विभिन्न मेडिकल कैम्पों में 80,000 (अस्सी हजार) से अधिक मरीजों का उपचार कर चुकी है। सिक्स सिग्मा को सामाजिक क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित करने के लिए देश-विदेश के विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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