New Delhi: भारतीय राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी नाथ जायसवाल ने टेन न्यूज से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से किसानों की शहादत को झूठा बता कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के पटल से किसानों को अपमानित किया है, देश इनको माफ नहीं करेगा। सरकार की नाकामी सामने आ चुकी है, जिस तरीके से सरकार ने लोगों को अंधेपन में रखा है वो पूरा देश जानता है।
जायसवाल ने कहा कि 1 साल में 700 किसानों ने शहादत दी है। माननीय प्रधानमंत्री जी इसका संज्ञान लेंगे तो सारे लोगों का एक एक आंकड़ा मिल जाएगा। लेकिन आपके दिल में कुछ और है आप हर चीज में व्यापार का संज्ञान लेते हैं। जिस तरह से व्यापारी भाइयों का, अपने मित्रों का आप हर चीज का ख्याल रखते हैं। अगर किसान की बात को सीरियस लेते तो आज यह दिन देखने को नहीं मिलता।
करोना काल में असंगठित संगठित प्रवासी मजदूर जो पैदल चलकर अपने घर जाने को लाचार थे उनका भी संसद के पटल पर आंकड़ा नहीं बताया गया। युवा कितने बेरोजगार हुए अभी तक उसका आंकड़ा नहीं बताया गया, और करोना काल में ऑक्सीजन, दवाई और आपके दुरव्यवस्था से कितनी मौतें हुई उसका आंकड़ा नहीं बताया गया है।
आज मजदूर, किसान, श्रमिक, आम आदमी परेशान हैं, किसानों पर तीन काले कानून थोपे गए और आपने कानून वापस ले लिया लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ, समस्या का हल तब होगा जब उनको एमएसपी की गारंटी दी जायेगी।
जायसवाल ने कहा आन्दोलन कर रहे किसानों को रोकने के लिए बड़े बुलडोजर लगाए गए, पानी का बौछार किया गया, आंसु गैस छोड़ा गया, लेकिन मजबूत किसान को जिस तरह से अपमानित करने का काम किया गया आपके सरकार द्वारा, आप के मंत्रियों द्वारा, आपके द्वारा यह देश के किसानों को भला करने की नियत नहीं थी। जायसवाल ने कहा कि सरकार ने मजबूर होकर तीन काले कानून वापस लिए।
मोदी जी उस वादे का क्या हुआ जब आप ने कहा था कि सब के खाते में 15 लाख आएगा लेकिन आज तक आया नहीं। करोड़ों नौकरी प्रतिवर्ष देने वाले थे वो भी नहीं मिला। आपने बोला था कि मैं नोटबंदी से देश में आतंकवाद नक्सलवाद मिटा के रख दूंगा लेकिन कुछ रुका नहीं।
स्वामी नाथ जायसवाल ने कहा कि समय आ गया है कि परिवर्तन और संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश और आने वाले चार राज्यों के चुनाव में मोदी सरकार को दोबारा आने से रोकना है। इन राज्यों में इनकी वापसी नहीं होने वाली है, जानता इस सरकार से परेशान हो चुकी है।
सरकार संसद में जिस तरह से झूठ बोलकर और गुमराह करके विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की है ये शर्मनाक है। विपक्ष के द्वारा सच्चाई सामने लाने पर उनके सांसदों को निलंबित कर दिया गया।