नई दिल्ली :– एनसीपी के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का कार्यक्रम दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजन किया गया। जिसमें एनसीपी के विधायक और एमएलसी समेत सैकड़ो कार्यकर्ता भी शामिल हुए । वही इस एनसीपी के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन में शरद पवार को औपचारिक तौर पर फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।
आपको बात दे कि 1999 में पार्टी की स्थापना के समय से लगातार शरद पवार अध्यक्ष हैं। इस मौके पर शरद पवार ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला , उन्होंने कहा कि ये वर्ष कई वजहों से महत्वपूर्ण है, ये वर्ष लोकसभा चुनाव की तैयारियों का है। केंद्र से सांप्रदायिक सरकार को उखाड़ फेंकने का वर्ष है , ये चुनौती को स्वीकार करने का वर्ष है ।
साथ ही उनका कहना है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में मोदी सरकार सबसे ज्यादा किसान विरोधी सरकार चल रही है । पूरा देश इस समय सांप्रदायिक ताकतों के चंगुल में फंसा हुआ है , एनडीए सरकार की नीतियां और कार्य देश के लिए चिंता का विषय है । क्योंकि सत्ता में बैठी सरकार की विचारधारा , विभाजनकारी है , जिसके कारण देश के लिए इनसे खतरा बना हुआ है।
जिसको लेकर इस अधिवेशन में एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने एक फॉर्मूला दिया है, जिससे बीजेपी को कड़ी टक्कर दी जा सकती है। शरद पवार को आभास है कि राज्यों में क्षेत्रीय दलों का प्रभाव है और हार जीत का फैसला उनके हाथों में है।
उन्होंने फॉर्मूला दिया है कि बीजेपी को हराने के लिये राज्यस्तरीय गठबंधन किया जाना चाहिए । साथ ही उनका कहना है कि हर राज्य में सबसे बड़े गैर-एनडीए दल को बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खड़ा करने के लिये पहल करनी चाहिये। उन्होंने उदाहरण के तौर पर कहा कि उत्तर प्रदेश में एसपी और बीएसपी, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, तमिलनाडु में डीएमकेस कांग्रेस राजस्थान में, टीडीपी और ओडिशा में बीजेडी को आगे आना चाहिये।