New Delhi: पूरे देश में दिवाली को लेकर चहल पहल है, हर कोई उमंग के इस त्योहार में उम्मीद के दीपक जलाने की तैयारी कर रहा है। इस बीच राजधानी दिल्ली में निजामुद्दीन दरगाह से आई तस्वीरों ने सब का दिल जीत लिया है, लोग कह रहे हैं की हिंदू मुस्लिम एकता की ये एक झलक है। पूरा देश इस वक्त रौशनी से सराबोर है, इस बीच दिवाली से दो दिन पहले ही धनतेरस के दिन हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया दरगाह को दीयों और लाइटों से सजाया गया है। इस दरगाह में सभी धर्म के लोग जाते हैं ऐसे में जब पूरे देश में नफरत का माहौल बढ़ रहा है ऐसे में ये तस्वीरें अपने आप में बहुत कुछ कहती है। लोगों का कहना है की इस तस्वीर के माध्यम से आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया है, दीया जलाकर ये संदेश दिया गया है की जो नफरत के बीज बोए हुए हैं उन सब नफरतों को खत्म करो।

आपको बतादें की हजरत निज़ामुद्दीन चिश्ती घराने के चौथे संत थे। इस सूफी संत ने वैराग्य और सहनशीलता की मिसाल पेश की, कहा जाता है इस प्रकार ये सभी धर्मों के लोगों में लोकप्रिय बन गए। हजरत ने 92 वर्ष की आयु में प्राण त्यागे और उसी वर्ष उनके मकबरे का निर्माण आरंभ हो गया, किंतु इसका नवीनीकरण 1562 तक होता रहा। दक्षिणी दिल्ली में स्थित हजरत निज़ामुद्दीन औलिया का मकबरा सूफी काल की एक पवित्र दरगाह है।