नई दिल्ली :– किसानों के भारत बंद के दौरान दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर एक किसान की मौत हो गई है। पुलिस का कहना है कि किसान की मौत हार्ट अटैक से हुई, फिलहाल मौत की असल वजह का पोस्टमार्टम में पता चलेगा।
बता दें कि किसान कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों को इस भारत बंद में विपक्षी पार्टियों का भी साथ मिला है, बता दें कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिवसेना किसानों के भारत बंद का समर्थन कर चुकी हैं।
केंद्र सरकार के लाए तीन कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में देशभर के 40 से ज्यादा किसान संगठनों ने आज भारत बंद किया हुआ है। किसान संगठनों ने सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक के लिए यह भारत बंद बुलाया है, जिसके तहत सभी सरकारी और निजी दफ्तरों, संस्थानों, दुकानों और उद्योगों को बंद रखने की अपील की गई है।
हालांकि, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सभी जरूरी सेवाएं जैसे अस्पताल, मेडिकल स्टोर आदि अपना काम जारी रख सकते हैं। भारत बंद की वजह से जगह-जगह भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है।
भारत बंद पर संयुक्त किसान मोर्चा ने दावा किया है कि भारत बंद को अभूतपूर्व समर्थन मिला है, कहा गया कि पंजाब, हरियाणा, केरल, बिहार में पूरी तरह से शटडाउन है। इसमें सभी प्रकार के संस्थान, मार्केट और ट्रांसपोर्ट बंद है। उन्होंने आगे दावा किया कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी उनके भारत बंद को समर्थन मिल रहा है।
राजनीतिक पार्टियां भले किसान आंदोलन को समर्थन देने की बात कर रही हों, लेकिन किसान अब भी इसे राजनीति से दूर रखना चाहते हैं। दिल्ली सीमा पर कांग्रेस नेता और डीपीसीसी अध्यक्ष अनिल चौधरी गाजीपुर बॉर्डर पर कृषि क़ानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में पहुंचे थे, वहां प्रदर्शनकारियों ने इसे गैर राजनीतिक प्रदर्शन बताते हुए उन्हें धरना स्थल से उठने को कहा।