New Delhi (22/12/2021): लोक सभा और राज्य सभा की कार्यवाही आज अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित हो गई। सदन के शीतकालीन सत्र का आज अंतिम दिन था। लोक सभा की कार्यवाही के स्थगित होने के कुछ ही देर बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। आपको बतादें कि इसी के साथ संसद का शीतकालीन सत्र भी खत्म हो गया। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सभा का कार्य निष्पादन आशा के अनुरूप नहीं हुआ |
संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर को शुरू हुआ था और यह 23 दिसंबर को समाप्त होना था। लेकिन एक दिन पहले ही उच्च सदन की बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र के दौरान कृषि विधि निरसन विधेयक 2021, राष्ट्रीय औषध शिक्षा अनुसंधान संस्थान संशोधन विधेयक 2021, केंद्रीय सतर्कता आयोग संशोधन विधेयक 2021, दिल्ली विशेष पुलिस स्थापन संशोधन विधेयक 2021 और निर्वाचन विधि संशोधन विधेयक 2021 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए | 20 दिसंबर को साल 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा हुई।
कोरोना और जलवायु परिवर्तन पर भी हुई बात
सत्र के दौरान 91 तारांकित प्रश्नों के जवाब दिए गए और 20 दिसंबर को 20 तारांकित प्रश्नों की सूची को कवर किया गया | शून्यकाल के दौरान लोक महत्व के 563 मामलों को सदस्यों ने उठाया। कोविड-19 वैश्विक महामारी और जलवायु परिवर्तन के विषय पर अल्पकालिक चर्चा भी हुई।
शीतकालीन सत्र के समापन पर राज्यसभा में सभापति वेंकैया नायडू ने सांसदों से इंट्रोस्पेक्ट करने को कहा, उन्होंने संसद के कामकाज पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि जो गलत हुआ है उसपर आत्मचिंतन कीजिये और सुधार करने की कोशिश कीजिए। उन्होंने कहा, ‘संसद के कामकाज में बाधा उतपन्न करते रहना लोकतंत्र में ठीक नहीं।’
इस दौरान 18 बैठकें हुईं और सदन का कार्य 82 प्रतिशत रहा, वहीं व्यवधान के कारण 18 घंटे 48 मिनट का समय बर्बाद गया | लोक सभा स्पीकर ने कहा कि हंगामे के चलते सदन के 18 घंटे 48 मिनट बर्बाद हुए हैं। आज लोकसभा अध्यक्ष बिरला के भाषण के बाद राष्ट्रगीत वंदे मातरम की धुन बजाई गई और सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया।