इंडिया एक्स्पो मार्ट ग्रेटर नोएडा में प्रिंटपैक इंडिया 2015 की जबरदस्त शुरुआत

LOKESH GOSWAMI

  इंडिया एक्स्पो मार्ट ग्रेटर नोएडा में प्रिंटपैक इंडिया 2015 की जबरदस्त शुरुआत  चीन, जापान, इंडोनेशिया, यूएसए के इंटरनेशनल एपेक्स असोसिएशन और प्रिंट स्टालवार्ट्स इंडिया बैंडवेगन के पांच दिनों तक चलने वाले एक्स्पो में हिस्सा लेंगे।ग्रेटर नोएडा 2015: प्रिंट पैक इंडिया 2015 ने 11 फरवरी को ग्रेटर नोएडा में होने वाले बहुप्रतीक्षित इंडिया एक्स्पो सेंटर एंड मार्ट पब्लिक के लिए अपने दरवाजे जनता के लिए खोल दिए हैं। 12वें प्रिंट पैक इंडिया में चीन, अमेरिका, जापान, फिलीपींस और इंडोनेशिया बड़ी कंपनियां एक ही मंच पर एक साथ आई हैं। 11 फरवरी से 15 फरवरी तक चलने वाला यह पांच दिवसीय एक्स्पो तीसरा प्रिंटिंग एंड पैकेजिंग में वैश्विक रूप से तीसरा सबसे बड़ा एक्स्पो है। उद्घाटन समारोह के दौरान कैनन इंडिया के सीईओ और प्रेसिडेंट मिस्टर कजुताडा कोबायाशी, ग्लोबल प्रिंट चाइना के प्रेसिडेंट मिस्टर जियांगुओ झू,  प्रिटिंग इंडस्ट्री के दिग्गज मैनुग्राफ इंडिया लिमिटेड मुंबई के मिस्टर सनत शाह, इंडोनेशियन मास्टर प्रिंटर्स असोसिएशन के चेयरमैन मिस्टर जिमी जुनेआंतो, प्रिंटिंग असोसिएशन फिलीपींस के सेक्रेटरी मिस्टर जॉन कोआ, NPES USA के प्रेसिडेंट मिस्टर राल्फ नैप्पी, कोमोरी ग्रुप जापान के चेयरमैन मिस्टर वायएस कोमोरी, हिंद प्रिंटर्स के सीईओ मिस्टर विजय कुमार चोपड़ा, IPAMA के प्रेसिडेंट मिस्टर केएस खुआरन, IPAMA के सेक्रेटरी जनरल मिस्टर सीपी पॉल जैसे प्रिटिंग इंडस्ट्री के दिग्गज उपस्थित रहे। इस मौके पर मिस्टर खुआरन ने कहा “देश की 264 अरब की प्रिंटिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है और 2018 तक इसके करीब 374 अरब तक पहुंचने की उम्मीद है, इसके बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री बन सकती है।” इसके साथ ही उन्होंने कहा कि क्वालिटी कंट्रोल, मार्केट रिसर्च और डिवेलपमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट, आर एंड डी यूनिट्स की स्थापना विदेशी निवेश और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों में शासन की सहायता सुनिश्चित करना है। IPAMA का विशेष ध्यान है।IPAMA के जनरल सेक्रेटरी मिस्टर सीपी पॉल ने कहा, “प्रिंट पैक इंडिया 2015 का मुख्य आकर्षण देश भर से आई उन 400 मैनुफेक्चरिंग कंपनियों की सहभागिता है, जो भारत में बने उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहुंचाते हैं। फरीदाबाद, अमृतसर, अहमादाबाद, नवी मुंबई, बैंगलुरु और कोयंबटूर जैसे इंडस्ट्रियल हब्स के प्रोडक्ट प्रदर्शित किए गए हैं।”अगले पांच दिनों में प्रिंट पैक की खास बातेंः  भारत का प्रिंटिंग सेक्टर फिर से आकार ले रहा है। आज इंडिया पैकेजिंग के क्षेत्र में दुनिया का छठा सबसे बड़ा बाजार है। मिस्टर खुआरन ने कहा, “इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक 2016 तक भारत का पैकेजिंग सेक्टर 868 अरब रुपयों तक पहुंच सकता है। अभी पैकेजिंग का 48 फीसदी बाजार सिर्फ प्रोसेस्ड फूड की पैकेजिंग में काम कर रहा है।”एक्स्पो के पांच दिनों में छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं और उपभोक्ताओं की तकनीकी तक पहुंच बनाकर उन्हें इसका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके साथ ही घरेलू निर्माताओं जैसे ऑफसेट आदि को फिर से स्थापित करना भी एक्स्पो के उद्देश्यों में शुमार है। साथ ही प्रिंट पैक इंडिया में इस बार एक विशेष सेमिनार भी आयोजित होने वाला है, ताकि ऑडियंस और विजिटर्स को भारत में निर्मित वेब ऑफसेट मशीनों से रूबरू होने का मौका मिले जो चीन को भी निर्यात किए जाते हैं।IPAMA के संरक्षण में प्रिंट पैक इंडिया 2015 का एक्स्पो मशीनों और उत्पादों की एक प्रदर्शनी मात्र नहीं है, यह इंक मार्केटिंग और न्यूज़पेपर प्रिंटिंग मशीनों क्षेत्र की कंपनियों के लिए एक साझा मंच है। इस साल करीब डेढ़ लाख विजिटर्स के आने की उम्मीद है। करीब 10 से ज्यादा देशों विजिटर्स पहले से ही शो के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसके अलावा ओवरसीज प्रिंटिंग असोसिएशन और संगठनों ने भी भारत के इस मेगा शो में आने के लिए स्वीकृति दी।

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