नई दिल्ली :– केंद्र सरकार ने देश के खुदरा और थोक व्यापारियों को बहुत बड़ा तोहफा दिया है। जी हाँ खुदरा और थोक व्यापारियों को एमएसएमई का दर्जा दिया गया है। आपको बता दें कि इस माँग को लेकर व्यापारियों ने बहुत प्रदर्शन किए, लेकिन यह माँग आज पूरी हुई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी और उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर के चलते आई दिक्कतों से खुदरा और थोक व्यापारियों पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए अब इसे एमएसएमई के दायरे में लाने का फैसला किया गया है।
कैट संस्था के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने टेन न्यूज़ को बताया कि केंद्र सरकार ने सभी ट्रेडर्स को बहुत बड़ा तोहफा दिया है। आज सभी व्यापारी बहुत खुश है कि उन्हें एमएसएमई में शामिल किया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि कोविड से पड़ने वाले असर को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया है ताकि एमएसएमई सेक्टर को मिलने वाली आर्थिक मदद का फायदा रिटेल और होलसेल कारोबारियों को भी मिले।
प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि करीब 8 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों को फायदा होगा। प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत इस सेक्टर को लाकर आर्थिक सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
साथ ही उन्होंने कहा कि कैट पिछले एक साल से अधिक समय से लगातार इस मुद्दे को उठा रहा था और विभिन्न स्तरों पर सरकार के साथ बातचीत कर रहा था | सरकार के इस फैसले से देश के करीब 8 करोड़ से ज्यादा छोटे कारोबारियों को फायदा होगा।
प्रवीण खण्डेलवाल ने कहा कि आज देश के व्यापारिक समुदाय जो लगभग 40 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रहा है और लगभग 115 लाख करोड़ का सालाना कारोबार कर रहा है के लिए बेहद बड़ा दिन है | कोविड महामारी से प्रभावित व्यापारी अब बैंकों से आवश्यक वित्त प्राप्त करके अपने व्यवसाय को बहाल करने में सक्षम होंगे, इन व्यापारियों को बैंक पहले लोन देने में आनाकानी करते थे| सरकार का यह कदम न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि भारत के सबसे जीवंत खुदरा व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
कैट संस्था के दिल्ली एनसीआर संयोजक सुशील कुमार जैन ने कहा कि इस निर्णय से थोक और खुदरा व्यापारियों को प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग के तहत आसान लोन मिल सकेगा। सरकार के इस फैसले से कई करोड़ खुदरा और थोक व्यापारियों को फायदा होगा।
अब खुदरा और थोक व्यापारी भी उद्यम पोर्टल रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, इससे उन्हें आरबीआई के दिशा-निर्देशों के तहत बैंकों से प्राथमिक क्षेत्र से सस्ता कर्ज मिलना सुनिश्चित होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी थोड़ी ही देर में गाइडलाइन जारी होगी, जिसमे सारी जानकारी मिलेंगी ।