नई दिल्ली :– दिल्ली के जंतर मंतर पर आज राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की मांग को लेकर देश के ग्रामीण बैंक के हज़ारों कर्मचारियों ने जमकर प्रदर्शन किया। आपको बता दें कि देश मे 43 ग्रामीण बैंक है, जो गॉव के निवासियों को सुविधाएं प्रदान कर रहे है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि देश की 43 ग्रामीण बैंको को आपस मे मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक बनाने और ग्रामीण बैंको में केंद्र सरकार की पूंजी यथावत रखने की मांग को लेकर आल इंडिया रीजनल रूरल बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन अरेबिया के आवाहन पर विभिन्न संगठनों राज्यों से आए हुए हज़ारों ग्रामीण बैंक कर्मचारियों ने जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन किया।
ग्रमीण बैंक कर्मियों का आरोप है कि भारत सरकार ग्रामीण बैंक कर्मियों और ग्रामीण बैंक के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। प्रायोजक बैंक कर्मियों के समान सभी बातें और सुविधाएं लागू नही की जा रही है। ग्रामीण बैंकों के 25,000 से अधिक दैनिक संदेशवाहकों और अंशकालिक सफाई कर्मियों को प्रायोजक बैंक के समान नियम न तो वेतन दिया जा रहा है और ना ही उनका नियमितीकरण किया गया है।
ग्रामीण बैंक एसोसिएशन के सुघन शुक्ला ने कहा कि भारत सरकार और प्रायोजक बैंक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को खत्म करने की साजिश कर रहे हैं। ग्रामीण बैंकों का मालिकाना हक कॉर्पोरेट को देने की साजिश को देशभर के ग्रामीण बैंक कर्मी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने ग्रामीण बैंकों के एकीकरण का निर्णय जल्द ही न लिया तो इस आंदोलन को और भी विशाल रूप से किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की नीतियों से देश के 80 करोड गरीब किसान और मजदूरों की परेशानी खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुकी है, ऐसे माहौल में ग्रामीण बैंकों का सशक्त होना बहुत ही जरूरी है।
