कोरोना काल में ग्रामीण भारत ने अपनाया डिजिटल प्रारूप, युवा चेतना द्वारा आयोजित वेबिनार में बोले नीति आयोग के सीईओ
युवा चेतना के तत्वावधान में आज कोरोना चुनौती एवं अवसर विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
वेबिनार का उद्घाटन करते हुए स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की युवा चेतना कोरोना काल में लगातार कार्यरत है। जनता की रसोई के माध्यम से युवा चेतना लगातार ग्रामीण भारत में सक्रिय है।
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा की भारत सरकार कोरोना काल में लगातार जनता को कष्ट न हो इसके लिए काम कर रही है।कोरोना काल में डिजिटल इंडिया को ताकत मिला है। ग्रामीण भारत में रहने वाले लोगों ने भी डिजिटल प्रारूप को स्वीकार किया है। टीकाकरण बहुत तेज़ी से देश में हो रहा है। कांत ने कहा की महामारी कोरोना पराजित होगा और भारत जीतेगा।
वेबिनार के आयोजक एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की महामारी के समय राजनीति का त्याग कर सेवा भाव से सबको कार्य करना चाहिए। सिंह ने कहा की युवा चेतना लगातार कोरोना काल में लोगों के बीच कार्यरत है।
वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सदस्य जयोतिका कालरा ने कहा की कोविड काल में हम सब जूझ रहे हैं।विद्यार्थियों के लिए अब शिक्षण संस्थान खुलने चाहिए।कालरा ने कहा की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी इस संकट के समय में लोगों के लिए तत्पर है।
गलगोतीया विश्वविद्यालय के सीईओ ध्रुव गलगोतीया ने कहा की हम डिजिटल शिक्षा पर इस कोविड काल में फ़ोकस कर रहे हैं। नई शिक्षा नीति के माध्यम से भी छात्रों को जोड़कर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्य वक्ता सर गंगाराम हास्पिटल के अध्यक्ष डा. डीएस राणा ने कहा की जैसे संशय हो वैसे ही चिकित्सक के परामर्श में जाना चाहिए।डा. राणा ने कहा की कठिन समय में सबको मिलकर प्रयास करना होगा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति डा. पीसी जोशी ने कहा की छात्रों तक डिजिटल माध्यम से शिक्षा पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
डा. मैथ्यू वर्गीज ने कहा की डरने की आवश्यकता नहीं है सतर्कता के साथ महामारी से लड़ना होगा।
टाटा मेमोरीयल मुंबई के उप निदेशक डा. शैलेश श्रीखंडे ने कहा की युवा चेतना का प्रयास सराहनीय है। टीकाकरण गांव स्तर तक पहुँचाना होगा।
आईआईटी कानपुर के पद्मश्री प्रो. मनीन्द्र अग्रवाल ने कहा की तीसरी लहर के लिए सबको तैयार रहना होगा।