New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम संबोधन में तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की घोषणा की । इस पर कांग्रेस ने कहा की ये किसानों की जीत है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि अब बीजेपी की हार ही देश की जीत है।
सुरजेवाला ने कहा की किसानों ने तीनों नए काले कृषि कानूनों के खिलाफ मोदी सरकार के सामने याचिकाएं लगाई थीं, लेकिन मोदी सरकार से उन्हें सिर्फ यातनाएं मिलीं। मोदी सरकार ने किसानों पर लाठीचार्ज कराए। दिल्ली के बॉर्डर्स खुदवा दिए और किसानों के सिर फोड़ने के आदेश दिए। इतना ही नहीं आंदोलन कर रहे किसानों को आतंकी, नक्सलवादी और आंदोलनजीवी कहा गया।
सुरजेवाला ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी केंद्र सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा, ‘मोदी जी यह भी बताइए कि न्यूनतम समर्थन मूल्य का रोडमैप और रास्ता क्या है?’
रणदीप सुरजेवाला ने आगे साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने पर सवाल करते हुए कहा, ‘मोदी जी आपने किसान की आय फरवरी, 2022 तक दोगुनी करने का वादा किया था और यह कब तक होगी? किसान की आय दोगुनी होने के बावजूद 27 रुपये प्रतिदिन कैसे रह गई। आगे का रास्ता क्या है?’
सुरजेवाला ने खेती उपकरणों को जीएसटी ऑन फार्मिंग के दायरे में रखने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, ‘खेती के उपकरणों पर जीएसटी से राहत देने का इरादा क्या है? डीजल के दाम कब कम होंगे? कया पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी करने का इरादा है?’ किसानों की कर्जमुक्ति का रास्ता क्या है?’
सुरजेवाला ने कहा की कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 किसान शहीद हो गए और उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में देश के गृह राज्य मंत्री के बेटे ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर किसानों को गाड़ी से रौंद दिया। मोदी सरकार ने आज अपना अपराध स्वीकार किया है। अब बारी है मोदी सरकार की सजा तय करने की। बीजेपी को यूपी, पंजाब समेत अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों में हार का डर सताने लगा है।