New Delhi: दिल्ली में बढ़ते प्रदुषण से लोगों का बुरा हाल है, सरकार की लाख कोशिश के बाद भी प्रदूषण में कोई कमी नजर नहीं आ रही है। प्रदूषण से आम जन जीवन प्रभाभित है और राजनैतिक पार्टियां आपस में आरोप प्रत्यारोप कर रही है।
गोपाल राय ने कहा की पूरी दिल्ली तीन दिनों से प्रदूषण की मार को झेल रही है, दिल्ली के अंदर हवा दमघोटू बनी हुई है। पूरी दिल्ली इसे लेकर चिंतित है पिछले एक महीने से अलग अलग एजेंसियां इसे लेकर काम रही है और सबने अनुमान लगाया था की अगर दिल्ली से सटे राज्यों में पराली जलाने की घटना कम नहीं हुई तो दिल्ली की हवा खराब होगी और दिल्ली को दमघोटू धुएं का सामना करना पड़ेगा।
आंकड़े बताते हैं की जैसे जैसे पराली जलने की घटना बढ़ी है वैसे वैसे दिल्ली में प्रदूषण का रेशियो बढ़ा है।
पराली जलने की घटनाओं के साथ प्रदूषण बढ़ा और दिवाली में जो पटाखों का कंट्रीब्यूशन हुआ इससे मिलकर हवा खराब श्रेणी में पहुंच गयी है। दिल्ली में पटाखों से फैला प्रदूषण धीरे धीरे कम हो रहा है लेकिन पराली से फैला प्रदूषण अभी भी बना हुआ है। जब तक पराली का समाधान नहीं होगा तब तक दिल्ली में प्रदूषण का खतरा स्थाई रूप से कम नहीं हो सकता है।
पर्यावरण मंत्री गोपाल ने आज प्रेस कांफ्रेंस करते हुए पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के चलते केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से संबंधित पड़ोसी राज्यों के साथ आपातकालीन बैठक बुलाने की माँग की है।
गोपाल राय ने कहा की 1-6 नवंबर के बीच पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा है। हम दिल्ली में पराली के प्रदूषण को रोकने के लिए इस समस्या का स्थाई समाधान खोजने के लिए एक Joint Action Committee बनाने की माँग कर रहे हैं।
