‘वुई द पीपल’ संस्था ने सांसद सम्मान समारोह का किया आयोजन पिछड़े वर्ग के सांसदों ने आरक्षण को लेकर दी तीखी प्रतिक्रिया

Abhishek Sharma / Rahul Kumar Jha

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‘वुई द पीपल’ संस्था द्वारा दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में सांसद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें पिछड़े वर्ग के कई सांसद उपस्थित रहे। इस दौरान पिछड़े वर्ग के लोगों के आरक्षण के मुद्दे को उठाया गया। इस दौरान पिछड़े वर्ग के सभी सांसदों का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया गया।


इस दौरान मध्य प्रदेश के कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल ने कहा कि इस आयोजन के लिए मैं ‘वुई द पीपल’ के लोगों को बधाई देना चाहूंगा। कर्मवीर समाज के कार्य करने वाले लोगों को यहां सम्मानित किया जा रहा है। इसके जरिए लोगों से मेलजोल बढ़ेगा। अगर आज आप लोगों ने सांसदों का सम्मान किया है तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उसके बदले समाज को कुछ ना कुछ जरूर दें। आज के समय में लड़ाई कर्मवीर और आरामवीर, गरीब और अमीर के बीच में हैं।

पिछड़ा वर्ग देश की ताकत है, देश की आजादी में कर्मवीर व पिछड़े वर्ग का सबसे ज्यादा योगदान रहा है। अगर कर्मवीरों का मनोबल टूट जाएगा तो यह देश बिखर जाएगा। जब तक इंसान अपने आप को नहीं समझेगा तब तक वह समाज और देश का दर्द नहीं समझ पाएगा। कुछ लोग होते हैं जो संकट के समय में हिम्मत देते हैं और कुछ लोग संकट के समय में गिराने का कार्य करते हैं।


फूलपुर से बीजेपी की सांसद केसरी देवी पटेल ने कहा कि जब तक हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण नहीं करेंगे, तब तक समाज के लोगों का विकास नहीं हो सकेगा। शिक्षा एक बहुत बड़ी चीज होती है जो कि समाज में बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है। इसलिए उच्च कोटि की शिक्षा ग्रहण करना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है, उसके बाद बाकी चीजें हैं। आज के समय में बहुसंख्यक समाज के लोग आगे आ रहे हैं और बड़े पदों पर काबिज हो रहे है और हम चाहते हैं कि और बड़ी संख्या में लोग पढ़ लिख कर देश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक समाज के लोगों के इस संघर्ष में मैं उनके साथ खड़ी हूं और लगातार उनके लिए संघर्ष करती रहूंगी।

जौनपुर से बहुजन समाज पार्टी के सांसद श्याम सिंह यादव का कहना है कि हम सभी लोग जानते हैं कि भारत के संविधान में बाबा अंबेडकर की बेहद अहम भूमिका रही और जो कानून और नियम उन्होंने संविधान में बनाए उनको सब फॉलो करते हैं। बड़े दुख की बात है कि आजादी के 43 साल बाद ओबीसी को आरक्षण मिला लेकिन हम बहुत सौभाग्यशाली है कि 1993 में ओबीसी को आखिरकार आरक्षण मिला।

आज जब हमें आरक्षण प्राप्त हो चुका है तो हम उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और हम सो रहे हैं और उस आरक्षण को धीरे-धीरे हमसे छीना जा रहा है। आज के समय में हमारे समाज के लोग सोशल मीडिया पर बात करते हैं लेकिन एक साथ बैठ कर बात करना पसंद नहीं करते हैं। जिससे हम बिछड़ते जा रहे हैं और यह समाज के लिए बेहद चिंतनीय विषय है।

उन्होंने कहा कि हमारे समाज के लोग धरना प्रदर्शन, विरोध प्रदर्शन शुरुआत करें जिससे कि उनका हक उनको मिल सके। उन्होंने सांसदों से अपील की कि वे समाज के लिए आगे आए और लगातार उनके लिए कार्य करें । उन्होंने कहा कि अगर हमारे समाज के लोग धरना प्रदर्शन करेंगे तो मैं विश्वास दिलाता हूं उसमें सबसे ज्यादा भीड़ मैं जूटाऊंगा और अपने समाज के लिए आवाज बुलंद करूंगा।


फतेहपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि हमने ज्यादा से ज्यादा सांसदों से अपील की थी कि वे यहां पर बडी संख्या में पहुंचे और बहुसंख्यक समाज के लोगों की आवाज उठाई जाए। ये लोग देश के विकास में सबसे ज्यादा योगदान देते हैं । हमारे पूर्वजों ने देश की आजादी में लड़ाई लड़ी । आज के समय में ओबीसी, एससी, एसटी के लोगों के पास रहने को घर नहीं है और लोगों को जागने की जरूरत है और अपने हक की लड़ाई लड़कर अपने समाज का विकास करें।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले ने अपने जाने पहचाने अंदाज में अपना भाषण शुरू किया और कहा कि भारत के संविधान में पिछड़े वर्ग के लोगों को आरक्षण मिला है और उस आरक्षण की अधिकारों को बरकरार रखने के लिए पार्लियामेंट बनी हैं और पार्लियामेंट को कानून बनाने का अधिकार है और उस कानून को अमल में लाने का काम इस देश के नागरिकों का है।

उन्होंने कहा कि जातिगत मुद्दा भारत में बहुत पहले से चलता आ रहा है। हर गांव को चलाने के लिए एक टीचर की जरूरत होती थी, जिसे ब्राह्मण कहा जाता है ।गांव की रक्षा करने वालों को क्षत्रिय बोलते थे, गांव में दुकान चलाने वाले को वैश्या बोलते थे और गांव में साफ सफाई करने वालों को शुद्र बोलते थे। यह जो हिंदू धर्म है इसमें एक जातिवाद है , यह सृष्टि काम पर आधारित है। पहले जो इंसान जो काम करता था उसका वर्णन उसी के हिसाब से होता था। लेकिन जब वर्णन नाम से हुआ तो फिर समाज में फैली विषमताओं का अंत हुआ।

उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म दलित समाज दलित समाज में पैदा होने के बाद भी उन्होंने देश की आजादी में अपना सहयोग दिया और संविधान के रचयिता बने बाबासाहेब अंबेडकर के जन्म के बाद लोगों की विचारधारा में बदलाव आया और ऊंच-नीच का फासला कम हुआ उन्होंने आरक्षण के मुद्दे को लेकर कहा कि यह पिछड़े वर्ग के समाज के लोगों के लिए बेहद जरूरी है सरकार इसका राजनीतिक फायदा भी उठाती हैं लेकिन अगर आरक्षण को खत्म किया गया तो सरकार सत्ता से गई और एक बार सरकार गई तो फिर वह दोबारा नहीं आने वाली।


बिहार के सुपौल से लोकसभा सांसद दिलेश्वर कमाईत ने कहा कि मैं अपने समाज के लोगों से निवेदन करना चाहूंगा कि अधिकार मिलता नहीं है, अधिकार लिया जाता है, छीना जाता है। इस बात को पिछड़े वर्ग के समाज के लोगों को भूलना नहीं चाहिए भारतीय संविधान के अनुसार हमें जो अधिकार मिला है उस आरक्षण के अधिकार को हम बरकरार रखेंगे और उसके जरिए प्रगति के मार्ग पर चलते रहेंगे। उन्होंने कहा कि मैं यहां उपस्थित सभी लोकसभा व राज्यसभा के सांसदों से यही उम्मीद करूंगा कि वे एससी, एसटी व ओबीसी को मिले आरक्षण के अधिकार के जरिए लोगों को फायदा पहुंचाएं और उनका मार्गदर्शन करने में अपनी भूमिका निभाएं।

भाजपा के सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का नारा रखती है और सभी वर्ग के लोगों को एक साथ लेकर चलने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़े वर्ग के लोगों का खास ध्यान रख रही है, लेकिन हमारे वर्ग के लोग इन सुविधाओं का फायदा नहीं ले पा रहे हैं ।

लोगों को जागरूक होना पड़ेगा और एकजुट होना पड़ेगा ताकि उनके अधिकारों का हनन न हो और और वे प्रगति की ओर अग्रसर हो सकें। उनका कहना है कि बाबा भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का हमारी पार्टी अनुसरण करती है और पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए काम कर रही है।

बीजेपी के सांसद व केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि आरक्षण एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और हम उसके लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि हमारे देश में जो उच्च पदों पर कार्यरत हैं, खासतौर से जो नौकरशाही हैं उनका कोई समुदाय नहीं है, वे केवल वहां तक ही सीमित रहते हैं।

उन्होंने कहा कि मेरा खुद का 30 साल का अनुभव है, सरकारों के अंदर काम करने की जरूरत होती है और उसमें हित कितना है इस को ध्यान में रखा जाता है । मैं इस बात को इसलिए कह रहा हूं , क्योंकि मैं बहुत सारे ऐसे क्षेत्रों में घूमा हूं और इन चीजों का अनुभव किया। पिछले समय पार्लियामेंट कमेटी एससी-एसटी की बेहद पावरफुल कमेटी थी। उन्होंने कहा कि मैं अपने समाज के लोगों से अपील करना चाहूंगा कि वे उन्हें मिले हुए अधिकारों का दुरुपयोग कर विकास के मार्ग पर अग्रसर हों और देश में उच्च पदों पर काबिज हों।

वही ‘वुई द पीपल’ संस्था के सदस्य रंजीत महतो ने कहा की दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब स्थित आज “वी द पीपल” संस्था द्वारा आज यहां पर सांसद सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है । जिसमें सभी सांसदों को इनवाइट भेजा गया था। पिछड़े वर्ग के कई सांसद यहां पर मौजूद रहे और उन्होंने अपने समाज के लोगों की भलाई की बात की और उनको विकास के मार्ग पर अग्रसर करने के लिए अपने सुझाव दिए।

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