नई दिल्ली, (15/02/22): किसान नेता राकेश टिकैत ने एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोलते हुए उत्तर कोरिया का जिक्र किया और कहा कि मतदाताओं को यह तय करना होगा कि क्या वे “दूसरा किम जोंग उन” चाहते हैं। किसान नेता ने कहा, “लोगों को यह तय करना है कि क्या वे एक मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चाहते हैं जो जनता का प्रतिनिधित्व करे या वे उत्तर कोरिया जैसी स्थिति दूसरा किम जोंग उन चाहते हैं। हम किसी भी राज्य में तानाशाही सरकार नहीं चाहते। राकेश टिकैत ने कहा कि हम अपील करना चाहते हैं कि लोग अपने वोट का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करें।
गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी न होने और उनके बेटे आशीष मिश्रा की जमानत होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि वह दोबारा न्यायालय जाएंगे।
टिकैत ने कहा कि चुनाव के पहले चरण में सरकारों को किसानों से वादाखिलाफी का नतीजा दिखने लगा है। वे सिर्फ भाजपा को वादाखिलाफी की सजा दिलाना चाहते हैं, लेकिन किसी पार्टी के पक्ष में वोट डालने की बात नहीं कर रहे। केंद्र सरकार ने 13 माह चले किसानों के आंदोलन और समझौते की अनदेखी की है। इसी वजह से वह यह आंदोलन कर रहे हैं।
इसके बाद टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार ने मुकदमे वापस लेने, एमएसपी निर्धारण के लिए कमेटी गठित करने आदि मुद्दों पर लिखित वादा किया था। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। गृह राज्यमंत्री के बेटे की जमानत से किसानों में गुस्सा है।
चुनाव में सत्ताधारी दल के लोग आएं तो उनसे सवाल करें कि छुट्टा पशुओं ने किसानों का क्या हाल किया है? बेरोजगारी चरम पर है। किसानों ने अपनी फसलें कम रेट पर बेची हैं। उसका हिसाब मांगा जाना चाहिए। जिन्ना, हिजाब जैसे शब्दों के मकड़जाल में न फंसें।