New Delhi: आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है, सत्र शुरू होने से पहले सरकार के तरफ से सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए रणनीति बनाई गई है। सत्र शुरू होने से पहले बीते रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी जिसमे आज से होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर चर्चा की गई थी। बैठक में मंथन हुआ कि इस सत्र का सुचारू रूप से संचालन कैसे किया जाए।
सदन के शीतकालीन सत्र में पूरी संभावना है कि विपक्ष जोरदार हंगामा करेगा क्योंकि राजनीतिक दबाव में सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेना पड़ा है। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार करीब 30 विधेयक पेश करने जा रही है जिनमें बिजली, पेंशन, वित्तीय सुधार से संबंधित कम से कम आधा दर्जन से अधिक विधेयक शामिल हैं।
संसद के शीतकालीन सत्र के लिए 26 विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं, जिसमें तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने वाला और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित विधेयक भी शामिल हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान निचले सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों की सूची में क्रिप्टोकरेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विनियमन विधेयक 2021 सूचीबद्ध है।
इससे पहले संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि कुछ लंबित विधेयकों सहित संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान करीब 30 विधेयक पेश किए जाएंगे जिनमें आर्थिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधेयक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का विपक्ष से आग्रह है कि आर्थिक सुधार और कुछ प्रमुख विषयों पर नियमन से जुड़े इन अहम विधेयकों पर चर्चा करे और इन्हें पारित कराने में सहयोग करे।
अर्जुन मेघवाल ने कहा की सरकार विपक्ष के मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा कराने को तैयार है। हम विपक्ष से सहयोग की अपेक्षा करते हैं। शीतकालीन सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने संबंधी विधेयक पेश किए जाने के लिए सूचीबद्ध है।
आज सत्र के पहले दिन केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कृषि कानून विधेयक को लोकसभा में पेश करेंगे। इससे पहले ही कृषि कानूनों की वापसी के बिल पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा हो चुकी है और इसे वापस लेने के लिए सर्वसम्मति बन गई है।

