प्रिंटपैक इंडिया एग्जीबिशन का समापन.

15 फरवरी, ग्रेटर नोएडा। IPAMA  द्वारा आयोजित पांच दिवसीय प्रिंटपैक इंडिया एग्जीबिशन का रविवार को समापन हो गया। एग्जीबिशन के आखिरी दिन भी बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। पांच दिन तक चले इस एग्जीबिशन में विजिटर्स ने प्रिंटिंग, पैकिंग के साथ-साथ ग्राफिक्स मेकिंग, बुक बाइंडिंग जैसी इंडस्ट्री में आई लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को करीब से जाना। IPAMA (इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड अलाइड मशीनरी मैनुफेक्चरर्स असोसिएशन) के जनरल मैनेजर सीपी पॉल के अनुसार, 11 फरवरी से 15 फरवरी तक चले इस एग्जीबिशन में तकरीबन एक लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनी में आकर विजिटर्स ने लेटेस्ट मशीनों के बारे में जानकारी हासिल की। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए बिजनेस विजिटर्स, टेकलवर्स के साथ-साथ तमाम इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स भी शामिल हुए। इंडियन मैनुक्चरर्स को नई टेक्नोलॉजी और फीचर्स से परिचित कराने और उनका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ही इस एक्स्पो का आयोजन किया गया। यही कारण है कि एकस्पो में भारत के अलावा चीन, जापान, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे तकनीकी समृद्ध देशों की कंपनियां भी शामिल हुई।

एक्सपो में न्यू तकनीक से लैस प्रिंटर्स के बारे में लोगों को रूबरू कराने के लिए सेमिनार का भी आयोजन किया गया, जिसमें इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने अपने अनुभवों को साझा किया। एग्जीबिशन में लोगों को यह बताया गया कि वेस्टर्न देशों के मुकाबले हम कहां पीछे हैं। इंडिया में लोडिंग, क्लीनिंग और सुपरवाइज़िंग के लिए अलग-अलग लोग होते हैं, जबकि यूरोपियन देशों में ऑटोमैटिक पूल्स को तरजीह देने की वजह से वहां मैनपॉवर की काफी कम जरूरत पड़ती है, साथ ही कम समय में अधिक प्रोडक्शन भी किया जाता है।

एक्स्पो में एपीएल ग्रुप ने एलईडी यूवी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी लॉन्च की। इससे पहले की तुलना में प्रिंटिंग की क्वालिटी में काफी सुधार देखा गया। एलईडी यूवी प्रिंटिंग दुनियाभर की लेटेस्ट तकनीकों में शुमार है। साथ ही इंडिया में भी इसका उपयोग ग्लोबल मार्केट के साथ-साथ बढ़ रहा है। एक्सपो में प्रिंटिंग की टेक्नोलॉजी में जहां पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने पर भी जोर दिया गया, वहीं थ्रीडी फ्रेम्स मेकिंग, कोटिंग, डिजाइन्ड पैकेजिंग आदि के लिए भी कई मशीनों को भी लॉन्च किया गया।

पांच दिनों तक चले एक्सपो में कई अलग-अलग कंपनियों ने नए-नए फीचर्स और टेक्नीकल स्पेसिफिकेशन्स के साथ अपने प्रोडक्ट्स से लोगों को परिचित कराया। नए फीचर्स के साथ पैकेजिंग इंड्स्ट्री में फैल्कॉन ग्रुप और एक्सेल मशीनरी की मशीनें भी लॉन्च की गई, जिसमें कार्डबोर्ड को मशीन में लगाने के बाद सीधे पैकेजिंग प्रोडक्ट जैसे एनवेलप, डिजाइंड बॉक्स प्राप्त किए जा सकते हैं। इस ऑटोमेटेड मशीन से मैनपॉवर की भी बचत होती है और प्रोडक्ट की गुणवत्ता में भी काफी सुधार मिलता है। प्रदर्शनी में हॉइड्रॉलिक प्रोग्रामेबल पेपर कटर, बाइंडर, फिनिशर, स्टेपलर की भी विशाल रेंज देखने को मिली। इंडियन मशीनरी द्वारा लॉन्च की गई। मशीनों में बिना प्रिंटिंग प्लेट्स का उपयोग किए प्रिंट करने और लगातार बनी रहने वाली एंडलेस इंकिंग जैसी सुविधाएं भी देखने को मिली। इनके अलावा ऑफसेट प्रिंटिंग में मोटराइज्ड इंकिंग सिस्टम, इंक मोटर ऑटो ट्रेकर, वाटर सर्कुलेशन सिस्टम और स्ट्रेगर्ड बैलेंस सिलिंडर जैसे नए फीचर्स के बारे में लोगों को रूबरू कराया गया, जो प्रोडक्ट की लागत को काफी कम कर देते हैं।

एक्स्पो में इलेक्ट्रो मेक मशीनरी और लाइनोमेटिक ने टोटल डिजीटल ऑफसेट प्रेस ऐसी मशीन्स लॉन्च की है, जिनमें नोट बुक मैन्युफैक्चरिंग की प्रोसेस काफी आसान है। इनमें पेपर रोल लगाने के बाद लाइन प्रिंटिंग, रोल कटिंग, पेज शेपिंग, कटिंग, कवरिंग और स्टेपलर बाइंडिंग की प्रक्रिया ऑटोमैटिक होती है और सीधे प्रोडक्ट प्राप्त होता है। इन मशीनों में फुल ऑटो केस मेकर, प्रेन्युमैटिक बंडलिंग, कॉर्नर कटिंग और प्रेन्युमैटिक जॉइंट फ्रेमिंग के लिए भी ऑटोमैटिक ट्रेकर लगे हैं।

पैकिंग बैग मैनुफैक्चरिंग के क्षेत्र में नॉन वूवन बैग प्रिंटिंग के लिए आई मशीनों के ऑटोमैटिक फीचर्स से लोगों को रूबरू कराया गया। इनमें पैपर बैग के अतिरिक्त कई अन्य रॉ मटीरियल से भी बैग बनाने के लिए उपयोग की जा सकने वाली मशीन्स उपलब्ध हैं। इन मशीनों में प्रिंटिंग, फोल्डिंग और बाइंडिंग के लिए सभी फीचर्स उपलब्ध हैं। वहीं ग्राफिक्स प्रिंटिंग के साथ-साथ होलोग्राफिक प्रिंट और स्क्रेच प्रिंट में प्रिज्म कंपनी ने कई नए फीचर्स के साथ मशीन्स लॉन्च की है। इन मशीनों में मैटल टच होलोग्राम, 3डी लैंसर होलोग्राम, वेलवेट टेक्सचर होलोग्राम के साथ-साथ सिल्वर मैटेलिक होलोग्राम और ग्लॉसी मटीरियल होलोग्राम को बनाने के लिए कम ऊर्जा और कम मैनपावर की जरूरत पड़ती है। इनकी शीट्स पहले की तुलना में लंबे समय तक बनी रहने वाली और बेहतर फिनिशिंग के साथ उपलब्ध है।

पांच दिन तक चले इस एक्स्पो में पैकेजिंग इंडस्ट्री की आरुषि एजेंसी ने UV ब्लेंकेट की नई रेंज मार्केट में लॉन्च हुई। इनमें NTR-150 कास्ट कोटेड और NTR-156 बफ्ड ब्लेंकेट खास है। पेपर बोर्ड की एक बड़ी रेंज में उपलब्ध ये पैकिंग ब्लेंकेट मौजूदा उत्पादों से काफी अलग है। अहमदाबाद से आई एक्सेल मशीनरी की टीम अपने साथ कर्टन पंचिंग, क्रिसिंग मशीन मैक्सिमा CR-35 लॉन्च की है, जिससे लहरदार (कॉरगैटिड) शीट्स का उपयोग करके भी पैकेजिंग के क्षेत्र में अच्छे प्रोडक्ट प्राप्त किए जा सकते हैं।

इसके अलावा एक्स्पो में पैकेजिंग इंडस्ट्री के लिए भी काफी क्रिएटिव और इनोवेटिव फीचर्स देखने को मिले, जिनसे न सिर्फ पैकेजिंग के खर्च में कमी आ सकती है, बल्कि पैकेजिंग को पहले से और ज्यादा आकर्षक रूप मिलेगा। भारत में प्रोसेस्ड फूड की पैकिंग करने का कारोबार बेहद तेजी से अपनी जगह बना चुका है। ऐसे में फूड सेफ्टी के लिहाज से एक्स्पो में देखने को मिले नए-नए प्रयोग बेहद फायदेमंद साबित होंगे।

एक्स्पो में आने वाले लोगों के चेहरों पर नए आइडियाज़ और प्रोडक्ट्स को करीब से जानने की खुशी साफ जाहिर हो रही थी। विजिटर्स के साथ ही एक्जीबिशन में हिस्सा लेने वाली कंपनियां भी एक्स्पो की सुविधाओं से खुश दिखीं। साथ ही कई बड़े-बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से आए स्टूडेंट्स के लिए भी नई टेक्नोलॉजी को जानने, बाजार की जरूरतों को समझने और अपने विचार शेयर करने के लिए प्रिंटिंग और पैकेजिंग का यह एक्सपो एक बेहतरीन प्लेटफॉर्म साबित हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि एक्सपो में हिस्सा लेने वाले लोगों में न सिर्फ यूपी, दिल्ली और हरियाणा बल्कि गुजरात, तमिलनाडू और केरल जैसे दूर स्थित प्रदेशों के लोग भी शामिल हुए।

 

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