दिग्‍भ्रमित किशोरों को दिशा देने की आवश्‍यकता.

हमारे देश का भविष्‍य कहे जाने वाले किशोर लगातार हिंसक होते जा रहे हैं। इसे पाश्‍चात्‍य संस्‍कृति का प्रभाव कहें या बदला हुआ परिवेश जिसके कारण उनकी सहनशीलता लगभग समाप्‍त हो चुकी है। अपने बड़ों और शिक्षकों…