यहाँ आकर मुझे मोक्ष मिलता है – अरुण बक्शी

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जो इंसान अपनी जमीन को पकड़े रखता है उसे आसमान भी जरूर मिलता है, मैंने जब शुरुआत की मेरे पास कुछ भी नहीं था यहाँ तक की काम मांगने के लिए भी मेरे पास स्टूडियो जाने तक के पैसे नहीं होते थे लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी क्योकि मुझे भरोसा था अपने आप पर और अपने भगवान पर और मुझे मौका मिला और पहचान भी, लेकिन एक चीज़ जो मुझमे तब भी कायम थी और अब भी कायम है वो है साफ़ दिल और पैरो के नीचे जमीन क्योकि जो जमीन पर बैठता है उसे गिरने का खौफ नहीं होता यह कहना था पत्थर के फूल, बागी, दाता, चमत्कार, बोल राधा बोल, रूप की रानी चोरो का राजा, राजा बाबू, लाडला और दिलजले जैसी फिल्मो में काम करने वाले और गीत गाने वाले अरुण बक्शी का जो मारवाह स्टूडियो में अपनी नयी एल्बम सूफ़िस्तान को लॉच करने पहुंचे जहाँ छात्रों ने उनका दिल खोलकर स्वागत किया। उन्होंने आगे कहा की मारवाह स्टूडियो एक मोक्ष स्थान है जहाँ आकर इंसान दिली सुकून महसूस करता है और यही मेरी एल्बम सूफ़िस्तान में भी यही सुकून में दर्शको को देना चाहता हूँ।  इस अवसर पर संदीप मारवाह ने कहा की अरुण जी को में काफी वर्षो से जानता हूँ इनकी जिंदादिली मुझे नयी ऊर्जा से भर देती है यह वाकई जमीन से जुड़े इंसान है जिन्होंने आसमान की देहलीज भी छुई है और आसमान की गहराई भी, ऐसे टैलेंटेड एक्टर से मिलकर मेरे छात्रों में भी नयी ऊर्जा का सृजन होगा और मैं दिल से इनकी एल्बम के लिए शुभकामनाएं देता हूँ।

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