दिल्ली-जयपुर के मध्य बुलेट ट्रेन और टोंक को रेलमार्ग से जोड़ने की त्वरित कार्यवाही की जाए ः सांसद श्री सुखवीर सिंह जौनपुरिया
टोंक-सवाई माधोपुर के सांसद श्री सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने केंद्रीय रेल बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए लोकसभा में मांग की कि दिल्ली से जयपुर वाया सवाई माधोपुर बुलेट ट्रेन चलाने पर गंभीरता से विचार किया जाए। साथ ही टोंक जिला मुख्यालय को रेल से जोड़ने के लिए त्वरित कार्यवाही अमल में लाई जाए।
श्री जौनपुरिया ने सवाईमाधोपुर रेलवे स्टेशन पर फूड कोर्ट की स्थापना करने की मांग करते हुए बताया कि इसके अभाव में हजारों की संख्या में रणथम्भौर बाघ अभ्यारण्य फोर्ट एवं गणेश मंदिर आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को काफी असुविधा होती है।
सांसद ने बताया कि सवाईमाधोपुर में प्रकाश टाकिज से वन विभाग कार्यालय तक अन्डर पास बनना बहुत जरूरी है, क्योकि आधा-आधा क्षेत्र रोड़ के दोनों तरफ पडता है यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो लोगाें को करीब दो से तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है। जन भावनाओं को देखते हुए इस मांग को तुरन्त पूरा किया जाए। इसी प्रकार सवाईमाधोपुर में खेरदां रेलवे फाटक खुलवाने की अनुमति भी दी जाये और ब्रहमपुरी कॉलोनी के चारो तरफ रेलवे विभाग द्वारा लोहे के ऎंगल की फेसिगं कर रखी है, उसमें से सिर्फ मोटरसाईकिल ही निकल सकती है। अगर कॉलोनी में कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो वहां एम्बुलेन्स व फायर-बिग्रेड की गाड़ी नहीं पहुंच सकती इसलिए जनता की परेशानियों को देखते इस समस्या का हल निकाला जाये।
उन्होंने इंदौर से जयपुर चलने वाली सुपर फास्ट ट्रेन को प्रतिदिन चलाने एवं जबलपुर से अजमेर के मध्य चलने वाली दमोदया एक्सप्रेस का इसरदा रेलवे स्टेशन पर ठहराव को स्वीकृति प्रदान कराने का आग्रह भी किया।
श्री जौनपुरिया ने बताया कि केंद्र की पिछली सरकार ने देवली-टोंक-सकेतपुरा रेलवे लाईन का एक सर्वे कराया था। यह सर्वे बजट की किताब (अनुदान मांग) में सिर्फ 62 किलोमीटर दर्शाया हुआ है, जबकि हकीकत में इसकी लम्बाई करीब 150 कि.मी. है। उन्होंने देवली टोंक सकेतपुरा की रेल लाईन का कार्य जल्द से जल्द मंजूर करके इसे शुरू कराने की मांग की।
उन्होने बताया कि करीब सत्रह वर्ष पहले दौसा से गंगापुर सिटी रेलवे लाईन का कार्य शुरू हुआ था उस समय उसका बजट 208 करोड़ रूपये था जो अब बढ़कर 410 करोड़ रूपये हो गया है। यह कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है इस कार्य को गति देकर जल्द से जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी बताया कि गंगापुर सिटी मै रेलवे विभाग की करीब 200 एकड़ जमीन है। आज से करीब 20 साल पहले यहां पर 126 स्टीम इंजन संचालित किये जाते थे जिसमें करीब 8000 कर्मचारी कार्य करते थे और लगभग 1000 से 1500 स्टाफ क्वार्टर बने हुए है। उन्होंने आग्रह किया कि पिछली सरकार ने रेल वर्कशॉप भीलवाड़ा में मंजूर किया था। इस रेल वर्कशॉप को गंगापुर में बताया जाए या और कोई नई स्कीम दी जाए ताकि रेलवे की इस भूमि एवं बिल्डिंग का सदुपयोग हो सके। सांसद ने आग्रह किया कि हजरत निजामुद्दीन-उदयपुर मेवाड़ एक्सप्रेस का गंगापुर सिटी स्टेशन पर अस्थाई ठहराव को स्थाई ठहराव में परिवर्तित करने की स्वीकृति प्रदान की जाए।
उन्होंने बताया कि टोंक जिले के निवाई में वनस्थली विद्यापीठ देश का विख्यात विश्वविद्यालय है जिसमें देश के हर कोने से लगभग 12000 छात्रऎं पढ़ रही हैं।
टोंक जिले के वनस्थली-निवाई स्टेशन एक मात्र स्टेशन है, उन्होंने आग्रह किया कि यहां से गुजरने वाली चौदह सुपर फॉस्ट एवं एक्सप्रैस ट्रेनों 12956 जयपुर से मुम्बई, 12955 मुम्बई से जयपुर, 12980 जयपुर से बांद्रा, 12979 बांद्रा से जयपुर, 12974 जयपुर से इंदौर, 12973 इंदौर से जयपुर, 12968 जयपुर से चैन्नई, 12967 चैन्नई से जयपुर, 12969 जयपुर से कोयम्बटूर, 12970 कायम्बटूर से जयपुर, 12977 जयपुर से अर्णाकूलम, 12978 अर्णाकूलम से जयपुर, 12976 जयपुर से बैंगलोर, 12975 बैंगलोर से जयपुर केे ठहराव की स्वीकृति प्रदान की जाए।
श्री जौनपुरिया ने बताया कि टोंक जिले में वनस्थली निवाई रेलवे स्टेशन पर ओवर ब्रिज का शिलान्यास करीब दस वर्ष पहले हुआ था, लेकिन अभी तक उसका निर्माण नहीं हो पाया है जिसके कारण यात्रियों को काफी असुविधा व जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, अतः इसका निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाना चाहिए।
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