परियोजना विभाग ने मनरेगा के बजट को किया वापस

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ग्रेटर नोएडा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना (मनरेगा) के तहत अगले फाइनेंशियल इयर में कोई काम नहीं कराया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग ने कम मजदूरी पर लेबर नहीं मिलने का रोना रोते हुए बचे हुए फंड को वापस कर दिया है और अगले फाइनेंशियल इयर में फंड न देने की अपील की है।
केन्द्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा योजना गौतमबुद्ध नगर जनपद में पूरी तरह से फ्लाॅप हो गई है। इसके पीछे प्रमुख कारण दैनिक मजदूरी का कम होना पाया गया है। जनपद में बड़ी संख्या में कंस्ट्रक्शन कार्य चल रहे हैंए जहां पर लेबर को आसानी से काम मिल रहा है। यहां पर 250 से 300 रुपए तक प्रतिदिन मजदूरी मिल रही है। जबकि मनरेगा के तहत 142 रुपए मजदूरी ही मिल रही है। इतनी कम मजदूरी पर कोई भी लेबर काम करने को तैयार नहीं है। पहले कुछ लेबर मिल भी जा रहे थेए मगर इस फाइनेंशियल इयर में लेबर का शुरू से आज तक टोटा पड़ा हुआ है। लिहाजा परियोजना निदेशक एसपी सिंह ने बजट को वापस भेज दिया है। एसपी सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले ही 80 लाख का फंड वापस कर दिया गया था। इसके बाद भी करीब 60 लाख रुपए का फंड दुबारा मिल गया था। जिसे उन्होंने दो दिन पहले ही भेज दिया है। साथ अगले फाइनेंशियल इयर में फंड न देने की अपील की गई है।

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