लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय के उप कुलपति के द्वारा झूठा प्रमाण पत्र दे कर मकान किराया भत्ता लेने का मामला गरमाया

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लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय के उप कुलपति के द्वारा झूठा प्रमाण पत्र दे कर मकान किराया भत्ता लेने का मामला गरमाया

हिसार के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय के उप कुलपति मेजर जनरल श्रीकांत शर्मा (सेवानिवृत) के द्वारा झूठा हलफनामा देकर मकान किराया भत्ता लेनेका मामला गरमा गया. सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से प्रतीत होता है के मेजर जनरल शर्मा ने अपना उपकुलपति का पद ग्रहण करने के दिन  मतलब 21 जून दोहज़ार तेरह को विश्वविद्यालय में एक प्रमाण पत्र दिया जिसमे लिखा था के वे सेक्टर चौदह हिसार के मकान संख्या 978 में रह रहे है और जिस घर के लिए वह मकान किराया भत्ताले रहे हैं उस घर को किसी और के साथ बाँट नहीं रहे हैं और उन के घर का और कोई भी सदस्य मकान किराया भत्ता नहीं ले रहा हैं ! जबकि फ़तेह चंद महिला विद्यालय हिसार केद्वारा सूचना के अधिकार में दी गयी जानकारी के मुताबिक मेजर जनरल श्रीकांत शर्मा की पत्नी डॉ रंजना शर्मा मई दो हज़ार तेरह से दिसंबर दो हज़ार तेरह तक मकान किराया भत्तालेती रही! डॉ रंजना शर्मा द्वारा भी 04 जनवरी 2013 को फ़तेह चंद महिला विद्यालय को एक प्रमाण पत्र दिया गया जिसमे लिखा था के वह सेक्टर चौदह हिसार के मकान संख्या978 में रह रही हैं और उन के घर का और कोई भी सदस्य मकान किराया भत्ता नहीं ले रहा है! इस के बाद 23 जून 2016 में डॉ रंजना शर्मा द्वारा फ़तेह चंद महिला विद्यालयहिसार के प्रधानाचार्य को एक पत्र लिखा गया जिस के मुताबिक बताया गया के उन के पति 21 जून 2013 को लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय के उपकुलपति नियुक्त किये गए और अगस्त 2015 को उन के पति को पूर्व प्रभाव से मकान किराया भत्ता मिला है और इस लिए वह 21 जून 2013 से सेवा निवृति की तिथि 31 मार्च2014 तक का मकान किराया  भत्ता वापिस कर रही हैं ! इस पत्र में उन्होंने इस बात को नहीं बताया के उन के पति को पूर्व प्रभाव से सिर्फ मकान किराये भत्ते के बढ़ी हुई राशि प्राप्तहुई थी और उन के पति को किराया भत्ता 2013 में ही मिल चूका था !

मकान किराये भत्ते की मात्रा अनुचित तरीके से लेने के मामले में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय के अध्यापक संघ के प्रधान एवं संयुक्त सचिवद्वारा एक शिकायत भी राज्य सरकार को की गयी जिस की एक प्रति लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय के कुलसचिव को भी प्रेषित की गयी थी, परंतुविश्वविद्यालय के वित्त नियंत्रक श्री सुभाष चंद्र बिश्नोई द्वारा मामला में उचित कार्यवाही करने के बजाये मामला उपरोक्त उप कुलपति के पास ही भेज दिया गया जिन्होंने खुद कोमामले में बरी कर लिया !

अब एक नागरिक ने इस सम्बन्ध में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा विज्ञानं विश्वविद्यालय के कुल सचिव को पत्र लिख कर मांग की गयी है की सक्षम अधिकारी सेमेजर जनरल श्रीकांत शर्मा (सेवानिवृत) एवं वित्त नियंत्रक श्री सुभाष चंद्र बिश्नोई  के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा चलाने के बारे में लिखाजाये ! इस पत्र की प्रति विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ़ मैनेजमेंट के सदस्यों को भी भेजी गयी है !

 

डॉ. अनिल पन्निकर, 188, लाजपत नगर, हिसार, मोबाइल नंबर: 9255225642

 

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