सरकारी स्कूलों में भी नहीं दिखा पीएम का संदेश सुनने का क्रेज

शिक्षक दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश सुनाए जाने को लेकर जिलाधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों को खुले रखने के आदेष दिये थे जिसमे बदली गई टाइमिंग का अधिकांश सरकारी स्कूलों ने पालन नहीं किया। कई स्कूल पहले की टाइमिंग सुबह 8 बजे ही खुले और वहां पर बच्चों को प्रधानमंत्री का संदेश भी नहीं सुनवाया गया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को शिक्षक दिवस जिले भर में बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान दोपहर 3 से 4.45 बजे तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बच्चों को संबोधित किया गया। सरकार से जिला प्रशासन को प्रधानमंत्री के संदेश को सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से सुनवाने के लिए पहले ही आदेश आ गए थे। सभी स्कूलों में कम्प्युटर, टेलिविजन, प्रोजेक्टर, रेडियो आदि के माध्यम से प्रधानमंत्री का संदेश सुनाने की व्यवस्था करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार ने निर्देशित किया था। बीएसए ने जिलाधिकारी के निर्देश पर स्कूलों की टाइमिंग में भी बदलाव करने का निर्देश दिया था। बीएसए के निर्देशानुसार सभी सरकारी स्कूलों को सुबह 8 बजे की बजाय 10 बजे खोलने के निर्देश दिए गए थे और शाम को 5 बजे तक खुलना था। मिड डे मील के वितरण की टाइमिंग भी बदल दी गई थी और दोपहर 1.30 बजे मिड डे मील बांटने का निर्देश दिया गया। लेकिन जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी का यह आदेश का अधिकांश सरकारी स्कूलों में पालन नहीं किया गया। नवादा, सूरजपुर, देवला सहित देहात में स्थित दर्जनों सरकारी स्कूल सुबह अपने पुरानी टाइमिंग 8 बजे ही खुले, जबकि सुबह 10 बजे खुलने थे। यह स्कूल दोपहर 12 बजे ही बंद हो गए और बच्चे अपने घर चले गए इसी प्रकार का नजारा निजी स्कूलो मे भी देखने को मिला सिग्मा प्रथम मे स्थित होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल मे भी सुबह 9.30 पर छुटटी कर दी गयी इन बच्चों को यह भी पता नहीं था कि उन्हें प्रधानमंत्री कोई संदेश भी देंगे। टीचरों में प्रधानमंत्री के संदेश सुनाने को लेकर कोई क्रेज नहीं दिखा। वहीं, जिलाधिकारी के निर्देश पर ऐसे स्कूलों की जांच के लिए टीम भी बनाई गई थी, लेकिन कहीं पर भी कोई टीम फील्ड में नहीं दिखी। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि जो स्कूल आदेशों का पालन नहीं किए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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