स्वराज इंडिया ने आम आदमी पार्टी को पॉलीटिक ल फ़ंडिंग और कालेधन पर दी बहस की चुनौती।*

*स्वराज इंडिया*
*प्रेस नोट*
*25 दिसंबर, 2016*

*स्वराज इंडिया ने आम आदमी पार्टी को पॉलीटिकल फ़ंडिंग और कालेधन पर दी बहस की चुनौती।*

आम आदमी पार्टी ने बीजेपी और कांग्रेस को उनके फ़ंडिंग पर सार्वजनिक बहस के लिए बुलाया है। स्वराज इंडिया इस पहल का स्वागत करती है। ऐसी बहसों से इन मुख्य राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टियों का पर्दाफ़ाश होगा। पता चलेगा कि राजनीति में किस हद तक अवैध और बेनामी पैसों के साथ-साथ विदेशी धन लगाया जाता है। इस बहस आमंत्रण से इस सिद्धांत को भी बल मिलता है कि सार्वजनिक बहस में सिर्फ़ सही तर्कों की जगह है और एक नई छोटी क्षेत्रीय पार्टी भी बड़ी पार्टियों को बहस की चुनौती दे सकती है।

इसी सिद्धांत के साथ स्वराज इंडिया आम आदमी पार्टी को उसके पॉलिटिकल फ़ंडिंग पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित करती है। यह बहस जंतर मंतर पर या उनकी पसंद के किसी जगह और समय पर हो सकती है। कुछ सीधे सवाल हैं जो हम आम आदमी पार्टी से पूछना चाहते हैं:

1. क्यों वित्तीय पारदर्शिता को प्रतिबद्ध इस पार्टी ने इस साल जून महीने से अपने वेबसाइट से पुराने और नये चंदा देने वाले लोगों की लिस्ट को हटा दिया है? लोगों द्वारा लागातार अपील के बाद भी इसे वापस क्यों नहीं लगाया जा रहा है?

2. क्यों इस पार्टी ने टैक्स प्राधिकरण और चुनाव आयोग को चंदा देने वालों की अलग लिस्ट दी और आम लोगों के लिए अपने वेबसाइट पर दूसरी लिस्ट लगाई थी? यह दोनों लिस्ट अलग क्यों है? क्या है जो आम आदमी पार्टी छुपाना चाहती है?

3. इस पार्टी को अप्रैल 2014 में 50-50 लाख के चार चंदे मिले थे जिनके बारे में यह साबित हो चुका है कि ये बेनामी डायरेक्टरों वाले छद्म कंपनियों के ज़रिए मिले थे। आम आदमी पार्टी ने अब तक इस पर क्या कार्यवाई किया है?

4. यह पार्टी पंजाब में भावी प्रत्याशियों से मिले सैकड़ों करोड़ों के कैश कहाँ जमा करती है, क्योंकि पार्टी पंजाब में कोई बैंक अकाउंट नहीं चलाती?

5. इस पार्टी का राजस्थान के श्रीगंगानगर वाले श्री बी. डी. अग्रवाल से क्या फ़ायनेंसियल संबंध है? नोटबंदी के तुरंत बाद पार्टी के नेताओं की श्री अग्रवाल से गुप्त मीटिंग क्यों हुई?

श्री अन्ना हज़ारे ने इस मुद्दे पर श्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है। इसी के मद्देनज़र स्वराज इंडिया आम आदमी पार्टी को बहस के लिए आमंत्रित करती है। अपने पत्र में उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी द्वारा वित्तीय सुचिता और पारदर्शिता के सिद्धांत से भटकाव पर सवाल उठाया है। पार्टी के इस पतन पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने पूछा है कि यह पार्टी बाक़ी पार्टियों से अलग कैसे है? अन्ना की इस टिप्पणी के बाद आंदोलन के शुभचिंतकों द्वारा आम आदमी पार्टी के भटकाव को लेकर सारी चिन्तायें मुखर हो गई हैं।

ज्ञात हो कि स्वराज इंडिया ने इस महीने की 18 तारीख़ को कालेधन पर बड़ी हल्लाबोल रैली की थी। इस रैली में चुनावी चंदे पर एक राष्ट्रव्यापी मुहीम की घोषणा की गई थी। हम उम्मीद करते हैं कि बीजेपी और कांग्रेस आम आदमी पार्टी के आमंत्रण से भागेगी नहीं। और, आम आदमी पार्टी भी हमारे इस आमंत्रण से नहीं भागेगी। अपने फ़ंड और कार्यक्रमों के बारे में किसी भी तरह के सवाल का जवाब देने के लिए हम ख़ुशी-खुशी तैयार हैं।

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