बारहवें अंतराष्ट्रीय सेलफोन सिनेमा समारोह का नॉएडा फिल्म सिटी में हुआ उद्घाटन

Ten News Network

120
India, (12/1/2019): हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म जाति नहीं चलती, चलता है तो सिर्फ एंटरटेनमेंट, और इस एंटरटेनमेंट के लिए आज लाखो लोग फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे है।
जबसे वेब सीरीज या इंटरनेट मूवीज का चलन चला है तबसे तो काम करने वालो की भीड़ सी जमा हो गयी है। और हर इंसान उसमे अपने हिस्से का किरदार ले लेता है।

उसी के साथ सेलफोन पर बनी फिल्मे जो छोटी कहानी होकर भी बड़ा सन्देश देती है उसने हर इंसान को एक्टर बना दिया है, जो अपने आपको स्क्रीन पर देखना चाहता है। यह कहना था कॉमरस के फॉरेन मिनिस्टर के. एल. गांजू का बारहवें अंतराष्ट्रीय सेलफोन सिनेमा समारोह के उद्घाटन के अवसर पर।



अन्य अतिथियों में ओरिएण्टल यूनिवर्सिटी इंदौर के वाईस चांसलर प्रोफेसर देवेंद्र पाठक, हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी के वाईस चांसलर प्रोफेसर एन. के. सिन्हा और स्टार बज़ कलैंडर से सीमा गुम्बर उपस्थित हुए जिन्होंने इस समारोह में चार चांद लगा दिये।
प्रतिष्ठित वार्षिक समारोह का दीप प्रज्ज्वालित करने के बाद  मारवाह स्टूडियो के निदेशक संदीप मारवाह ने कहा कि “हर इंसान के भीतर एक छुपा हुआ कलाकार होता है बस जरूरत होती है उसे बाहर निकालने की और उसी छिपी हुई प्रतिभा को बाहर निकालता है हमारा अंतराष्ट्रीय सेलफोन सिनेमा समारोह।
और आज मुझे यह कहते हुए बड़ी ख़ुशी हो रही है की इंटरनेशनल कान्स फेस्टिवल में भी सेलफ़ोन सिनेमा को भी अब शामिल किया जा रहा है।
देवेंद्र पाठक ने कहा  इस समारोह के बारे में यही कहना चाहुगां कि कुछ सालों पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह अपने फोन से फिल्म का भी निर्माण कर सकेगें लेकिन आज यह संभव हो गया है जिसे हम हर रोज़ अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर देखते भी है।
आज हम कह सकते है की सारी दुनिया मोबाइल में सिमट गयी है और वो दुनिया हमारे हाथ में है।
एन. के. सिन्हा ने कहा की इस सेलफोन सिनेमा द्वारा मनोरंजन और रचनात्मकता के दायरे का एक नया विकास हो रहा है। आज मोबाइल से बनी वीडियो और फोटो से न सिर्फ मनोरंजन हो रहा है बल्कि ज्ञान भी बढ़ रहा है।
आज कोई भी इंसान अकेला नहीं है उसके साथ उसके मोबाइल में कैद लाखो गतिविधियां है।
सीमा गुम्बर ने कहा की मोबाइल से फिल्मे बनाना बहुत ही आसान, सस्ता है किसी कैमरे की तुलना में। इस अवसर पर पारुल मेहरा की पेंटिंग प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया जिसका विषय था ज़िन्दगी और उसके रंग था ।

You might also like More from author

Leave A Reply

Your email address will not be published.