हरलाल संस्थान में नेषनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2016 का प्रथम दिन
Saurabh Shrivastava Tennews
नाॅलेज पार्क प्रथम स्थित एच0आई0एम0टी ग्रुप आॅफ इन्स्टीट्यूषन्स ग्रेटर नोएडा में आज से दो दिवसीय नेषनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता ;श्भ्छडब्ब् .2016श्द्ध का षुभारम्भ विषिष्ट अतिथि नेषनल लाॅ यूनिवर्सटी, दिल्ली के कुलपति प्रो0 रनवीर सिंह जी एवं संस्थान के चेयरमैन श्री हेम सिंह बंसल जी ने मां सरस्वती पर माल्यपर्ण एवं दीप प्रज्वलित कर किया। इस राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में 18 टीमेंदेष के विभिन्न विष्वविद्यालया,ें संस्थानों एवं महाविद्यालयों और से सम्मलित हुई हैं जिनमें मुख्यतः कुरुक्षेत्र विष्वविद्यालय हरियाणा, गुरुगोविंद सिह विष्वविद्यालय दिल्ली, चै0 चरण सिंह विष्वविद्यालय, मेरठ, बाबू बनारसीदास, लखनऊ, देहरादून, हरलाल स्कूल आॅफ लाॅ, लायड़ संस्थान ग्रेटर नोएडा आदि प्रमुख विष्वविद्यालयों के छात्र एवं छात्राएं इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हंै। इस मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देष के जाने माने 20 से अधिक सीनीयर अधिवक्ता ने जज का कार्य कर रहे हैं जो भाग ले रहीं टीमों में विजेता और उपविजेता का निर्णय करेगें। इस अवसर पर नेषनल लाॅ यूनिवर्सटी, दिल्ली के कुलपति प्रो0 रनवीर सिंह ने अपने सम्बोधन मंे कहा कि सभी व्यक्ति एवं संस्थान एक समान होते हंै। विषिष्ट वही होते हैं जो विषेष परिश्रम करते हैं । विष्वविद्यालय एवं संस्थाओ का नाम तब होता है जब वहां से निकलने वाले विद्यार्थी समाज में विषेष पहचान स्थपित करते हंै। इसमें अध्यापकांे का अतुल योगदान होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं का समाज को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका होती है वे समाज के प्रहरी होते है। इन्हें गरीबों की विषेष रुप से सहायता करनी चाहिये । यह सहायता उन्हंे न्याय दिलाने के सम्बन्ध में हो सकती है या समाज में उनकी आर्थिक स्थिति सुधारने के सम्बन्ध में भी हो सकती है। उन्होनें नेषनल विधि विष्वविद्यालय, दिल्ली में अपने द्वारा किये गये विषिष्ट कार्यो का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे उन्होनें समान्य नवसर्जित व्यवस्था को कैसे भारत में तीसरा स्थान दिलाया। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन श्री हेम सिंह बंसल जी ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विधि एक ऐसा विषय है, कि इससे निकला हुआ विद्यार्थी समाज के लिये अपने आप को एक आर्दष के रुप में स्थापित कर सकता है और यही गरीब और आम आदमी के लिये न्याय की एक उम्मीद की किरण होता है। संस्थान के निदेषक प्रो0 टी0 दुहान ने विधि के छात्रों को सम्बोधित करते हुए आगे बढने के लिये प्रेरित किया तथा विषिष्ट अतिथि के दिये गये सुझावों को अमल करने का आष्वासन दिया। और अन्त में, कार्यकारी निदेषक प्रो0 ए0 बासु ने संस्थान के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाष डालते हुए इसके विभिन्न संकायो, विभागो द्वारा अब तक के किये गये विषिष्ट कार्यों एवं उपल्बधियो पर प्रकाष डाला। उन्होनें बताया कि हमारा संस्थान ग्रामीण क्षेत्रों में निषुल्क विधिक जागरुकता षिविर पिछले कई सालो से आयोजित करता आ रहा है। इस अवसर पर संस्थान के सचिव अनिल बंसल, अग्निवेष गुप्ता एवं लाॅ प्राचार्य टी0 के0 अग्रवाल सहित सभी षिक्षक, षिक्षिकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
