हजारों निवेशकों को राहत, आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करेगी एनबीसीसी – सुप्रीम कोर्ट
Rohit Sharma (Photo-Video) Lokesh Goswami Tennews New Delhi :
आम्रपाली ग्रुप की रुकी हुई परियोजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट्स को एनबीसीसी पूरा करेगी। इसके साथ ही मामले में प्रवर्तन निदेशालय को जांच के आदेश दिए हैं।
दरअसल सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लगभग 40000 से ज्यादा खरीदारों को राहत मिलेगी। जस्टिस अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मामले में प्रर्वतन निदेशालय को जांच के भी आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि इस बात की जांच की जाएगी कि कंपनी ने निवेशकों का पैसा कहां डायर्वट किया। वही इस मामले की अगली सुनावाई 9 अगस्त को होगी ।
खासबात यह इससे पहले 10 मई को हुई सुनवाई में नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में असमर्थता जताई थी।
प्राधिकरण का कहना था कि उसके पास पर्याप्त संसाधन और अनुभव नहीं है कि वो इस परियोजनाओं को पूरा कर सके। जिसके बाद कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आपको बता दें कि दिल्ली एनसीआर में सबसे ज्यादा निवेशक अधूरी परियोंजनाओं के चलते परेशान हैं। यहां लाखों की संख्या में निवेशक हैं जो अपने घर पाने के इंतजार में बैठे हैं। केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही 25 प्रतिशत बिल्डर अपना काम अधूरा छोड़कर गायब हैं। इसके साथ ही फरीदाबाद, सोनीपत, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी बिल्डरों का यही हाल है, जिसके चलते हजारों निवेशक परेशान हैं।

वही दूसरी तरफ इस मामले में नेफोमा संस्था के अध्यक्ष अन्नू खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला है। जिसका नेफोमा टीम स्वागत करती है , आज उन हजारों फ़्लेट बॉयर्स के लिए दिवाली है , जो दस साल से हर वर्ष अपने फ़्लेट में दिवाली मनाने की सोचते थे। आज का फैसला नजीर है और बिल्डरों के लिए जो बॉयर्स के पैसे लेकर फ़्लेट नही दे रहे है, सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि बैंक, प्राधिकरण, बिल्डर ने मिलकर बॉयर्स को ठगा है और बैंक बॉयर्स से किश्त बसूलने के लिए दबाव नही बना सकता । इससे बहुत राहत मिलेगी उन बॉयर्स को जो घर का किराया और किश्त दे रहे थे ।