टेन न्यूज़ के तत्वावधान में ऑनलाइन कवि सम्मेलन सम्पन्न , अनलॉक हुई हॅसी 

Rohit Sharma

नोएडा :- सम्पूर्ण विश्व में कोरोना महामारी से त्राहि-त्राहि मची हुई है, वहीं सामान्य जन-मानस को जानकारी, जागरूकता के साथ संघर्ष हेतु प्रेरित करने के पावन उद्देश्य से टेन न्यूज़ द्वारा निरन्तर अनुकरणीय एवं महत्वपूर्ण प्रयासों की लम्बी सूची है। इसी श्रृंखला में टेन न्यूज़ नेटवर्क की निदेशिका  सुनीता माली के सक्षम नेतृत्व में प्रेरक एवं जीवन दर्शन से भरपूर कविताओं का अद्भुत ऑनलाइन आयोजन सम्पन्न हुआ |

जिसमें दीपक श्रीवास्तव के संचालन में कुछ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वान, प्रशासनिक अधिकारी तथा अनेक इंजीनियर अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए इस संकट के दौर में चेतना का संचार करते दिखाई दिए।

यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी  शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने अपनी पंक्तियों “रोपता है एक बीज, अन्न का,श्रम का, उम्मीद का, धैर्य का” के माध्यम से जीवन में धैर्य एवं संयम का महत्त्व अत्यन्त सहज भाव से बतलाया। इसके अतिरिक्त पिता पर आधारित उनकी रचना ने सभी को भाव-विह्वल कर दिया।

अम्बेडकर नगर के जिलाधिकारी राकेश मिश्र ने अपनी पंक्तियों “आज रात उदास रही क्यूँ” के माध्यम से एक ओर जहाँ हृदय के भावनाओं की सुन्दर अभिव्यक्ति की, वहीं  “पत्थरों के महल में रहता है, सबसे अनजान सा शहर है ये” के सस्वर पाठ द्वारा वर्तमान परिवेश में खोखली जीवन शैली का सहज चित्र प्रस्तुत किया।

इंजीनियर  प्रदीप कुमार मिश्र ने अपनी पंक्तियों “उम्मीदों के धागों में कोई स्वप्न पिरोना है” के माध्यम से समाज को सन्देश दिया कि “नायक वही व्यक्ति होता है, जो गिरकर दुबारा खड़ा होता है।

अनेक राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ कर चुके विनोद पाण्डेय ने अपनी चिर-परिचित पहचान ने पृथक अपने सृजन का एक नया रूप प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी पंक्तियों “पतझड़ का आभास न होता, रे मन फिर मधुमास न होता” के माध्यम से संघर्ष एवं सफलता के आनन्द का अनुभव साझा किया।

इंजीनियर प्रशान्त बरनवाल ने अपनी कविता “सरहद पे रहता एक जवान, जो देश प्रेम में डूबा है। शहरों में है इक नौजवान हर वक्त नशे में डूबा है।” के माध्यम से देशप्रेम में डूबी जवानी एवं नशे में लिप्त जवानी के मध्य सशक्त लकीर खींची।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के डायरेक्टर एवं “टैक्स फ्री करोड़पति” जैसी चर्चित पुस्तक के लेखक राजेश श्रीवास्तव ने अपनी पंक्तियों “कुछ व्यस्त हूँ सपने साकार करने में, खुद से मुलाक़ात अभी बाकी है” के माध्यम से समाज को दूसरों को देखने की बजाय स्वयं में केन्द्रित होकर निरन्तर प्रगति का सन्देश दिया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे मानस मर्मज्ञ, संगीतकार एवं कविता के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान रखने वाले  दीपक श्रीवास्तव ने अपनी पंक्तियों “उठा शून्य से भंगुर जीवन,फिर जग में खोया यह तन-मन।जाने क्यों ढूंढें अनन्त को,जब तक है प्राणों का बन्धन।” के माध्यम से बताया कि जीवन शून्य से शून्य तक की यात्रा है। अनन्त की और कितना भी भाग ले मानव किन्तु शून्य का अनुभव ही उसमे चेतना की अभिव्यक्ति करता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय दर्शन के वरिष्ठ विद्वान, ओरिगामी योगा के जनक, पूर्व कमिश्नर राजस्व विभाग, तथा शिकागो में जिस मंच पर स्वामी विवेकानंद जी ने इतिहास रचा था, वहां भारतीय दर्शन की व्याख्या कर चुके श्री कृष्ण कुमार दीक्षित ने अपनी कविता “एक राष्ट्र के हम वासी हैं, दो होने का काम नहीं” के माध्यम से एक से बीस तक गणित के अंकों को कविता में पिरोने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।

“वर्तमान संकट में   लाक डाउन के समय इंटरनेट की मदद से कवि संध्या का  टेन न्यूज़ द्वारा सफल आयोजन  श्रालाध्नीय , अभिनन्दनीय &स्तुत्य है ।आशा है कि इस प्रकार के कवि सम्मेलन हिंदी  साहित्य, काव्य और देश रक्षा के लिए  मील के पत्थर सिद्ध होंगे “, कृष्ण कुमार दीक्षित , गाजियाबाद ।

कार्यक्रम को बड़ी संख्या में ऑनलाइन दर्शक वर्ग मिला तथा दर्शकों एवं श्रोताओं की लगातार प्रतिक्रियाओं ने कार्यक्रम की सफलता में चार चाँद लगा दिए।

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